लखनऊ: सरकार बनते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को साफ और सख्त संदेश दिया था कि, सभी लोग ट्रांसफर-पोस्टिंग और ठेके-पट्टे के पचड़े से दूर रहें. लेकिन बीते दिनों से कई विभागों में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर बवाल मचा है.उत्तरप्रदेश के सियासी गलियारों एक बार फिर ‘ट्रांसफर-पोस्टिंग’ के मुद्दे पर गदर मचा है. स्वास्थ्य विभाग के बाद अब सुर्खियों में आया है पीडब्ल्यूडी वाला विभाग. इस विभाग मेंकार्रवाई का कौड़ा चलाते हुए सीएम योगी ने उन बाबू साहब का बोईया बिस्तर दिल्ली के लिए बंधवा दिया है।
क्या है मामला?
दरअसल, हाल ही में लोक निर्माण विभाग में करीब 350 से अधिक अभियंताओं का ट्रांसफर हुआ था. इन तबादलों की कार्रवाई में मंत्री जितिन प्रसाद (JITIN PRASAD) के OSD अनिल कुमार पांडेय (ANIL KUMAR PANDEY) का किरदार कुछ ठीक नहीं लगा. उन पर तबादला नीति के नियमों को ताक पर रख कर ट्रांसफर करने के आरोप लगे. यानि, एक दो साल में रिटायर होने वाले अधिकारियों का तबादला जहां बहुत दूर कर दिया गया तो वहीं मृतक कर्मचारियों के नाम पर भी ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल किया गया. इटावा से ललितपुर भेजे गए राजकुमार नाम के एक कर्मचारी का तो पूरे विभाग में कोई रिकॉर्ड ही नहीं था।
सीएम ने कमेटी बनाई, हो गई कार्रवाई
अब बात निकली तो दूर तक गई लिहाजा महकमे से निकल मुख्यमंत्री तक भी जा पहुंची. संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 12 जुलाई को तीन सदस्यीय एक टीम गठित थी, टीम की जांच में जितिन प्रसाद के OSD अनिल कुमार पांडेय पर आरोप सही पाए गए. बस फिर क्या भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति और नियम का पालन करते हुए OSD अनिल कुमार पांडेय को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करते हुए भारत सरकार को वापस करने का आदेश शासन ने जारी कर दिया. बता दें कि, अनिल कुमार पांडेय मंत्री जितिन प्रसाद के बेहद खास बताए जाते हैं. उन्ही की सिफारिश पर उनको दिल्ली से लखनऊ लाया गया था।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग में हुए तबादलों पर भी विभाग के मंत्री और अधिकारी आमने-सामने आ गए थे.तब डिप्टी सीएम और सूबे के स्वास्थ्यमंत्री ब्रजेश पाठकRAJESH PATHAK) के आऱोपों पर भी सीएम ने संज्ञान लिया था. वहीं विपक्ष को अब बैठे-बिठाए एक और मुद्दा मिल गया है. कांग्रेस, सपा और आप का तंज है कि, तबादलों का खेल चल रहा है और मंत्री महोदय को पता ना हो ये कैसे संभव है।
मुख्यमंत्री का ‘हंटर’ पहले भी चला
बता दें कि, सीएम योगी(CM YOGI ADITYANATH) जीरो टॉलरेंस की नीति और विभागों के शुद्धिकरण में सोनभद्र से लेकर औरया और गाजियाबाद तक पहले भी एक्शन लेने में नहीं चूके हैं . अब जितिन प्रसाद के खास अनिल पांडेय को दिल्ली भेजकर सीएम योगी ने दे दिया फिर सख्त संदेश कि, लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा.
