नई दिल्लीः सेक्स (Sex) मानव जीवन का एक अहम हिस्सा है. ऐसा सिर्फ हम ही नहीं, बल्कि कई शोधों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि आपकी सेक्स लाइफ (Sex life) आपके रिलेशन (Relations) को निर्धारित करती है. लेकिन कभी-कभी कुछ परेशानियों की वजह से सेक्स लाइफ (Sex life) पर बड़ा असर होता है. यह एक साधारण-सी बात है कि पुरुष और महिला के बीच बेडरूम संबंध (Bedroom Relations) काफी अलग पल होते हैं. इसमें बताया गया है कि सेक्स लाइफ और रियल लाइफ में बहुत ज्यादा फर्क होता है.
पुराने समय से ही समाज में यह परंपरा चली आ रही है कि अगर किसी दंपति को बच्चे ना हों तो उसका सारा दोष महिलाओं के सिर कर दिया जाता था. भले ही पुरुष में कोई कमी हो लेकिन महिलाओं को बांझ जैसी उपाधि दे दी जाती थी. लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं कि संतान उत्पत्ति ना होने का एक कारण पुरुषों में सबसे ज्यादा देखा गया है.
एक शोध में पाया गया है कि पिछले 40 साल में लगभग 60 प्रतिशत तक पश्चिम में रहने वाले पुरुषों के स्पर्म की संख्या कम हो गई है. इसका कारण मॉर्डन वर्ल्ड माना जा रहा है जो पुरुषों की हेल्थ पर बुरा प्रभाव डाल रहा है. केमिकल्स, फर्नीचर में इस्तेमाल हुए रिटर्डेंट, डाइट (Diet) में ज्यादा अल्कोहल (Alcohol), कैफीन (Caffeine) , प्रोसेस्ड मीट, सोया और आलू से पुरुषों की फर्टिलिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है.
एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रिचर्ड शेर्प का कहना है कि उत्तरी यूरोप में आज 15 प्रतिशत युवा पुरुषों में इतना कम स्पर्म काउंट है कि उनकी प्रजनन क्षमता बिगड़ रही है और जब ये महिलाएं 30 की उम्र के बाद फैमिली प्लानिंग करती हैं तो ये रेट डबल हो जाता है. यानि कपल्स की फर्टिलिटी अधिक डाउन हो जाती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि टेस्टिकुलर कैंसर से पीड़ित पुरुषों के रिप्रोडक्शन स्तर तो खराब होता ही है इसके अलावा उनकी सेक्स इच्छा में कमी भी बढ़ जाती है.
