लखनऊ: चुनावी चौसर पर खड़े उत्तर प्रदेश में अब सियासी चाल चलनी शुरु हो गई है. जाति की बिसात पर बड़ी बाजी चलते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुरुवार को राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग (Backward Classes Commission) का गठन कर दिया. इस इस आयोग में अध्यक्ष के साथ-साथ 25 सदस्यों की भी नियुक्ति हुई है. सहारनपुर के जसवंत सैनी को उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. इनके अलावा हीरा ठाकुर और प्रभुनाथ चौहान दो उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं।
बुधवार को बना था एससी-एसटी आयोग
बुधवार को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटीSC/ST) आयोग के गठन हुआ था. इससे आगरा के डॉ. रामबाबू हरित को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था. शाहजहांपुर के मिथिलेश कुमार व सोनभद्र के रामनरेश पासवान आयोग के उपाध्यक्ष बनाए गए. इनके साथ ही सरकार ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से 12 सदस्य नामित किए थे।
क्या होगा कार्यकाल ?
इन सभी का कार्यकाल एक वर्ष या 65 वर्ष तक की आयु तक होगा. एससी-एसटी आयोग सात महीने से रिक्त चल रहा था. आयोग के अध्यक्ष रहे बृजलाल का कार्यकाल 17 नवंबर, 2020 को 65 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के कारण पूरा हो गया था. अब सरकार ने आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति कर दी है।
सीएम ने दीं शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ ने सभी आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों को बधाई दी है ।
