स्मृति ईरानी ने चला एक और दांव, क्या अमेठी के बाद अब रायबरेली पर नजर है?

अपना लखनऊ होमपेज स्लाइडर

लखनऊ/अमेठी: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की परंपरागत सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर अमेठी में जीत का झंडा लहराने वाली स्मृति ईरानी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंची. एक बार भी अपनी जीत के लिए जनता का आभार जताया और हर समस्या में उनके साथ रहने की बात कही. इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं का भी ऐलान किया.

‘अमेठी में ही घर बनाकर रहूंगी’
अमेठी में जीत के बाद स्मृति ईरानी के हौसले बेहद बुलंद हैं हो भी क्यों ना स्मृति ईरानी में 2014 में यहां से हार के बावजूद अमेठी में अपना संघर्ष जारी रखा वो लोगों के सुख दुख में आती रहीं. यहां जमीन पर जनता से जुड़ीं और खुद को अमेठी से ऐसा जोड़ा कि, राहुल गांधी को अमेठी से दूर कर दिया. अब स्मृति ईरानी राहुल गांधी की हर उस कमजोर नब्ज पर करारा वार कर रही हैं जिससे कांग्रेस को अमेठी में हार का दर्द और ज्यादा गहरा हो सके. राहुल गांधी पर वार करते हुए ईरानी ने अमेठी में एक और दांव चल दिया. ईरानी ने कहा कि, पहले 5 साल तक सांसद को खोजना पड़ता था अब ऐसा नहीं होगा. बड़ा ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि, गौरीगंज में जमीन चिन्हित कर ली गई है और वो यही घर बनवाकर रहेंगी. उनके इस ऐलान के बाद जनता ने भी जोरदार तालियों के साथ उनका इस्तकबाल किया.

लंदन में जिला टॉप लागेलू गाने पर अंग्रेजों ने किया डांस, VIDEO देख आप भी कहेंगे ‘वाह-वाह’

अमेठी में रहने के मायने?
केंद्रीय मंत्री का ये कदम केवल कहने भर के लिए नहीं हैं. राजनीति के जानकार इसके अलग-अलग अर्थ भी बता रहे हैं. 2014में हार के बावजूद स्मृति ईरानी ने अमेठी आना नहीं छोड़ा औरर 2019 में राहुल गांधी को हराकर बड़ा संदेश दे दिया. वहीं कांग्रेस की दूसरी परंपरागत सीट रायबरेली पर भी इस बार मुकाबला थोड़ा अलग मिजाज का था. सियासी पंडित ईरानी के अमेठी में घर बनाने के कदम को रायबरेली से भी जोड़ रहे हैं. यानि संदेश देना चाहते हैं कि, कांग्रेस के लोग जीतकर नजर नहीं आते और बीजेपी के लोग दिल्ली से भी यहां रहने आ रहे हैं.

काफिले की एंबुलेंस से भेजी महिला मरीज
स्मृति ईरानी अमेठी में अपने काम से वहां के लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं. चुनाव प्रचार के दौरान खेत में आग लगने पर खुद पानी चलाना हो या किसी और तरह मदद वो हमेशा आगे दिखी हैं. इस दौरे के पहले दिन भी एक महिला मरीज को उन्होंने अपने काफिले की एंबुलेंस से अस्पताल भेजा तो वहां मौजूद लोग तारीफ करते नहीं थके. इतना ही नहीं वो लोगों की समस्याओं की पर्चियां और प्रार्थना पत्र लेकर तुरंत समाधान निकालती भी देखी जा रही हैं या और संबंधित अधिकारी से बात कर रही हैं.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *