इस सीट पर बीजेपी के दिग्गजों की है निगाहें, कांग्रेस के गढ़ में फतह करने की होगी चुनौती

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सुल्तानपुर : देश के सबसे बड़े लोकतंत्र का बिगुल बज चुका है और राजनैतिक पार्टियों ने अपने प्रतयाशी भी घोषित करना शुरू कर दिया है. ऐसे में कभी कांग्रेस का गढ़ माना जाने वाले सुल्तानपुर जिले का राजनैतिक पारा इस समय काफी चढ़ा हुआ है जिसकी वजह है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर संसदीय सीट से सांसद चुने गए भाजपा के फायर ब्रांड वरुण गांधी अब आगामी 2019 का लोकसभा चुनाव इस सीट से नही लड़ना चाह रहे है.

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वरुण गांधी के इस सीट से चुनाव ना लड़ने की खबर से इस सीट पर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए बड़े बड़े दिग्गज भाजपाई अपनी एड़ी चोटी का जोर लगाने में जुट गए है. आपको बताते चले कि वरुण गांधी इसबार अपनी माँ मेनका गांधी की संसदीय सीट पीलीभीत से चुनाव लड़ने का मन बना चुके है ऐसे में सुल्तानपुर सीट पर बड़े बड़े भाजपा के नेता चुनाव लड़ना चाहते है और इसके लिए बाकायदा लोगों ने क्षेत्र का दौरा करने के साथ साथ अपनी तैयारियां शुरू कर दी है ऐसे में सुल्तानपुर सीट से चुनाव लड़ने वाले बड़े भाजपाई नेताओं में सांसद विनय कटियार, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमशंकर शुक्ला, पूर्व पीसीएस अधिकारी चंद्रभूषण पाण्डेय के साथ कुछ स्थानीय नेता भी शामिल है जो टिकट लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं.

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प्रबल दावेदारी वालों में पहला नाम
सांसद विनय कटियार का है जिनकी पहचान एक हिंदूवादी छवि के फायर ब्रांड नेता की है . ये भाजपा के बड़े नेता माने जाते है जबकि ये मूलतः सुल्तानपुर के रहने वाले नहीं हैं. लिहाजा इसबार लोग बाहरी प्रत्याशियों को अपना सांसद नही चुनना चाहते है.

दूसरा नाम भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला का है जो की मूल रूप से सुल्तानपुर जिले के है लेकिन प्रेम शुक्ला पिछले काफी समय से मुम्बई में रहते है और राजनीति में भी सक्रिय है जबकि पिछले कुछ माह में प्रेम शुक्ला के सुल्तानपुर आने जाने से लोगों ने ये कयास लगाना शुरू कर दिया कि इस बार प्रेम शुक्ला भी यहां से चुनाव लड़ सकते है

तीसरा बड़ा नाम है पूर्व पीसीएस अधिकारी चंद्रभूषण पाण्डेय का दरअसल श्री पाण्डेय 36 साल की उम्र में ही पीसीएस की सेवा से त्यागपत्र देकर समाजसेवा का मार्ग चुन लिया था , साथ ही श्री पांडेय के सुल्तानपुर से प्रत्याशी होने से ब्राह्मण मतदाता का पूरा रुझान भी भाजपा के पाले में रहेगा सबसे बड़ी बात ये है कि चंद्र भूषण पाण्डेय जनपद सुल्तानपुर के गाँव (सिरकोनी)के मूल निवासी है, जिन्होंने राजनीति के क्षेत्र में अपने अलग विचारों से एक नई पहचान कायम की है.

 

चंद्र भूषण पाण्डेय जी के व्यक्तित्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मात्र 36 साल की उम्र में ही पीसीएस की सेवा से त्यागपत्र देकर समाजसेवा का कठिन मार्ग चुन लिया जिसे वह आज तक पूरी कर्मठता औऱ निष्ठा के साथ निभा रहे हैं. पाण्डेय अपने सरल और मददगार छवि के कारण बेहद ही लोकप्रिय हैं उनके इसी व्यवहार के चलते सुल्तानपुर जिले के सरकोनी गांव की जनता उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में देखना चाहती हैं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों ही जगहों से पीसीएस के लिए चयनित हुए पाण्डेय जी की असली राजनीतिक उपलब्धियां यह है कि वे बेहद सरल और विनम्र स्वभाव के होने के कारण वे समाज सेवा के साथ ही राजनीति में भी लगातार सक्रिय रहते हैं वह वर्ष 2010 से मिशन कल के लिए जल के लिए अभी तक करीब 50000 किलोमीटर की पद यात्रा कर चुके हैं उन्होंने स्वयं इस मिशन की स्थापना की थी इसके लिए वह यमुना और गोमती तट पर लंबी यात्राएं भी कर चुके हैं उन्होंने प्रयागराज में हरित धरती आश्रम की भी स्थापना की और वहां अष्ट वृक्ष रोपण का अभियान भी चलाया समाज सेवा के कार्यों में उन्होंने एक से बढ़कर एक सामाजिक कार्य किए हैं उन्होंने तालाबों के संरक्षण और उनके विकास को ध्यान में रखकर आओ तालाब चलें अभियान पर भी विशेष जोर दिया इसके अलावा उत्तर प्रदेश के विकास के स्वप्न को साकार करने के लिए यूपी डेवलपमेंट फाउंडेशन की स्थापना की जिसमें विशेषज्ञों की समिति का गठन किया वह बागवानी और नौकरशाही पत्रिका के संपादक भी रहे उन्होंने तत्कालीन मायावती और अखिलेश सरकार के राज में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए अनेक प्रेस वार्ताओं का आयोजन कर आम जनमानस को उनके जन बिरोधी कार्यों को जनमानस तक पहुचाया औऱ उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को उजागर किया जिसमें विभागवार तथ्यों को प्रस्तुत कर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी लड़ाई में सहयोग दिया उन्होंने किसानों के उत्थान के लिए भी तमाम कार्य किए जिसमें जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए लिविंग स्वायल प्रोग्राम और अभियान का आयोजन कराया.

चन्द्र भूषण पान्डेय की राजनीतिक यात्रा भी लंबी रही है
वे बेहद ही सरल और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं उनकी व्यवहार कुशलता के चलते उनका समाज के लोगों के साथ जुड़ाव देखकर हर कोई उनकी प्रशंसा करता है वर्ष 1972 में जन्में पाण्डेय जी का एक लंबा राजनीतिक सफर रहा हैवर्तमान मे वे वह उत्तर प्रदेश में बीजेपी के मीडिया प्रवक्ता के रूप में काफी चर्चित शख्सियत हैं वह संयोजक, सुशासन एवं केन्द् तथा राज्य शासकीय कार्यक्रम सन्वयन विभाग, उत्तर प्रदेश के सयोजंक भी हैं इसके अलावा भी वह कई महत्वपूर्ण पदों को बखूबी संभाल चुके हैं वह नमामि गंगे अभियान समिति के सदस्य, बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के भी सदस्य रहे है चंद्र भूषण पाण्डेय जी ने आदर्श विद्यालय अभियान के प्रदेश प्रमुख के रूप में अपने दायित्वों को खूब अच्छी तरह से निभाया है इसके साथ ही उन्हें जौनपुर लोकसभा सीट से 2014 में संसदीय बोर्ड के विचारार्थ पैनल में शामिल किया गया थ उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के लोगों को समर्पित कर दिया है.

इन नामों के बाद कई क्षेत्रीय नेता भी चुनाव लड़ना चाह रहे है जिनमे प्रमुख रूप से वरुण गांधी के प्रितिनिधि रहे डॉक्टर आर.ए वर्मा , पूर्व विधनसभा प्रत्याशी ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, भजपा से 10 साल नगर पालिका सुल्तानपुर के अध्यक्ष रहे प्रवीण अग्रवाल भी टिकट लेने के दौड़ में शामिल है.

सुल्तानपुर से नितिन श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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