चश्मदीद वीरों से रौशन थी आज़ादी की 50वीं वर्षगांठ: नवेद शिकोह

@naved.shikoh :कई मायनों में वर्तमान से अच्छा था अतीत। बिना मोबाइल फोन वाली पत्रकारिता से लेकर आज़ादी का जश्न पहले ज्यादा अच्छा था। बीते कल की बहुत सारी चीज़ें साधनहीनता के बावजूद खरी थीं,सच्ची थीं और अच्छी थीं। अब वो बात कहां! 75वीं वर्षगांठ की तरह इतनी ज्यादा रोशनियों से तो नहीं नहाई थी पर […]

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