‘बीटिंग रिट्रीट’ से पूरा होता है गणतंत्र दिवस कार्यक्रम, ऐसे भारत को हासिल हुई ‘शाही बग्घी’

गणतंत्र दिवस और बीटिंग रिट्रीट का एक खास संबंध है. बीटिंग द रिट्रीट के बिना गणतंत्र दिवस अधूरा सा लगता है. हर साल 29 जनवरी के दिन राष्ट्रपति भवन में इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस दिन देश के राष्ट्रपति अपने खास बग्घी से निकलते हैं. जितना खास देश के लिए बीटिंग द रिट्रीट का कार्यक्रम होता है, उतना ही खास राष्ट्रपति की बग्घी भी है. आज आपको हम बतायेंगे कि आखिर खास क्यों है और इसकी अहमियत क्या है?

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Republic Day 2019 Live: राजपथ पर शौर्य की झांकी, लाल किले पर फहराया जाएगा तिरंगा

राजपथ पर ऐतिहासिक डेयरडेविल टीम के तहत असम राइफल्स की एक टुकड़ी की अगुवाई में नारी शक्ति का प्रदर्शन होगा. इसमें एक अकेली महिला अधिकारी बाइक पर स्टंट दिखाएंगी. वहीं चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल राजपाल पुनिया ने जानकारी दी है कि पहली बार आजाद हिंद फौज के 90 साल से अधिक उम्र के चार सैनिक भी इस परेड में हिस्सा लेंगे.

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यहां पर बना तिरंगा लाल किले की प्राचीर से बढ़ता है देश की आन-बान और शान

कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ के सचिव एचएन एंटिन ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर फहराया जाने वाले तिरंगे का ऑर्डर दो महीने हमें मिल जाता है.

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