माघ पूर्णिमा पर अमृत स्नान, त्रिवेणी संगम में 80 लाख लोग लगा रहे आस्था की डुबकी

आनंद ने कहा कि मकर संक्रांति, बसंत पंचमी और मौनी अमावस्या स्नान पर जो व्यवस्थाएं की गई थीं, उसमें इस बार थोड़ा संशोधन किया गया है. मंगलवार का स्नान, शाही स्नान नहीं होने के कारण अखाड़ा मार्ग पर तैनात रहे जवानों को शहर के मुख्य चौराहों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए तैनात किया गया है. कुम्भ मेला के डीआईजी के पी सिंह ने कहा कि मेला प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को स्नान के बाद सुरक्षित उनके गंतव्य प्रस्थान की सुविधा देना है. दूर दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए कई मेला विशेष ट्रेनों के साथ ही राज्य परिवहन निगम ने अलग-अलग दिशाओं में रोडवेज की बसों का संचालन शुरू किया है.

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