आज है अष्टमी इस शुभ मुहूर्त में माता के स्वरूप कन्याओं को लगाइए भोग

कन्या भोजन के लिए सर्वप्रथम कन्याओं को आमंत्रित किया जाता है. इसके बाद गृह में प्रवेश के दौरान कन्याओं के पैर धुलवाए जाते हैं और फिर उनके पैर पोछकर उन्हें आसन पर बैठाया जाता है. इसके बाद कन्याओं के माथे पर तिलक लगाकर हाथों में कलावा बांधा जाता है.

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