बचाओ, बचाओ कोई तो हमें संघ कार्यकर्ताओं से बचाओ, जानिए क्यों ऐसा बोल रहे हैं पुलिसकर्मी

अलीगढ़ : सूबे में पुलिस का इकबाल किस तरह बुलंद है, उसका अंदाजा आप जिले की इस घटना से लगा सकते हैं कि अपनी जान बचाने के लिए पुलिस टीम इंस्पेक्टर के केबिन में बंद हो गई, वहीं जब उपद्रवियों का बस नहीं चला तो उन्हें थाने के केबिन का दरवाजा तक उखाड़ फेंका क्यों […]

Read More

दिवस, लौ और एक अभियान बनकर रह गई निर्भया?

संवेदनशीलता जब दम तोड़ने लगे तो सांसें हलक में अटकनी शुरू हो जाती हैं, बस समय की बात है कि आपकी बारी कब आती है. 5 साल का समय बीत चुका है लेकिन दर्द की वो आवाज आज भी दिल्ली हवाओं में गूंज रही है. कानून को फर्श से अर्श का सफर कराने के बाद फिर ये नइया मझदार में हिचकोले खा रही है. आगे से किसी भी लड़की के साथ दोबारा ऐसा वाक्या ना दोहराया जाए इसलिए ना जाने कितने सारे फंड को रिलीज किया गया है लेकिन क्या सारे फंड जमीनी हकीकत पर खरे उतर पाएं है.

Read More