अलीगढ, हाथरस से हवा की तरह गुजरी टी-18, फिर भी इलाहाबाद पहुंचने में हो गई लेट

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इलाहाबादः प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया‘ के तहत देश में बनी पहली सेमी बुलेट ट्रेन ‘ट्रेन 18’ का आज रेस टेस्ट हो चुका है. गौरतलब है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रयागराज (इलाहाबाद) के बीच में चलाया गया है. दरअसल ट्रेन-18 नई दिल्ली से चलकर शनिवार की सुबह आधे घंटे की देरी से प्रयागराज जंक्शन पहुंच गई पहुंची थी. कानपुर से प्रयागराज तक का लगभग 200 किलोमीटर की दूरी का सफर ट्रेन ने महज 2 घंटे में पूरा कर लिया. इस के बाद दोपहर दो बजे ट्रेन वापस दिल्ली के रवाना हुई है.

गौरतलब है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से यह ट्रेन शुक्रवार आधी रात, 12:55 पर रवाना हुई थी. शनिवार सुबह 5.42 पर ट्रेन कानपुर जंक्शन पर पहुंची थी. यहां दो मिनट रूकने के बाद ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना हुई. सुबह 7:48 बजे ट्रेन कुंभ नगरी प्रयागराज पहुंच गई. ट्रेन ने करीब 28 मिनट की देरी से करीब 6.53 घंटे में दिल्ली से प्रयागराज की दूरी तय की. जबकि इसे 6.25 घंटे में ही प्रयागराज पहुंचना था. ‘ट्रेन 18’ के ड्राइवर आनंद दीक्षित ने कहा कि इसे दिल्ली से कानपुर तक लाने में मजा आया. उन्होंने कहा कि ये ट्रेन दिल्ली-हावड़ा रूट की सबसे तेज ट्रेन है.

मालूम हो कि ट्रेन-18 को 27 दिसंबर को ही ट्रॉयल पर दिल्ली से प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचना था. उत्तर मध्य रेलवे ने स्पीड सर्टिफिकेट जारी कर दिया था. लेकिन आरडीएसओ से कुछ प्रमाण पत्रों के कारण ट्रेन दिल्ली से नहीं जा सकी. उत्तर रेलवे की ओर से निर्गत की गई सूचना के मुताबिक ट्रेन-18 को नई दिल्ली स्टेशन से रात 12: 55 बजे छूटकर सुबह 5:18 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचना था, लेकिन ट्रेन यहां लगभग आधे घंटे लेट पहुंची.

करीब दो मिनट रूकने के बाद ट्रेन प्रयागराज के लिए रवाना हुई.इस ट्रेन को कुंभ के दौरान दिल्ली से संगमनगरी प्रयागराज के बीच चलाए जाने की संभावना है. पहले इसको दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते इस रूट में नहीं चलाई जाएगी. हालांकि अभी तक कोई अधिकारिक सूचना नहीं है.

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