उन्नाव रेप पीड़िता हार गई जिंदगी की जंग…

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दिल्ली/लखनऊ: आखिर एक और बेटी दरिंदगी की इस दुनिया को अलविदा कह गई. लेकिन सिस्टम औऱ समाज के लिए सैकड़ों सवाल छोड़ गई. कि, आखिर कब तक मरती रहेंगी बेटियां. जाएं तो जाएं कहां बेटियां.

सफदरजंग अस्पताल में हुई मौत
5 दिसंबर को तेल डाकर जलाने की घटना के बाद 90 फीसदी तक चली उस पीड़िता को लखनऊ से दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया था. जहां उसका इलाज चल रहा था. लेकिन देर रात वो जिंदगी की जंग हार गई.

अस्पताल का बयान
अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक विभाग के प्रमुख डॉक्टर शलभ कुमार ने बताया कि, ‘हमारे बेहतर प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जी सका. शाम को उसकी हालत खराब होने लगी. रात 11 बजकर 10 मिनट पर उसे दिल का दौरा पड़ा. हमने बचाने की कोशिश की लेकिन रात 11 बजकर 40 मिनट पर उसने आखिरी सांस ली’

कैसे हुई घटना कैसे दिया अंजाम
दरअसल, दिसंबर 2018 में उसे अगवा कर शिवम, शुभम ने उससे बलात्कार किया था काफी हंगामें के बाद मार्च 2019 में उसकी प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी मुकदमे के सिलसिले में वो रायबरेली जाने के लिए 5 दिसंबर को बैंसवारा रेलवे स्टेशन जा रही थी. इसी दैरान जमानत पर चल रहे शिवम और शुभम आए और उस पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी. इसके बाद पीड़िता अधजली हालत में काफी दूर तक दौड़ी. हालत बिग़ड़ने पर पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था वहां से उसे जिला असप्ताल रेफर किया गया था. हालत बिगड़ने पर लखनऊ रेफर किया गया था जहां से इसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली भेजा गया था.

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