लखनऊ/नई दिल्लीः लखनऊ में हुए विवेक तिवारी कांड के बाद यूपी पुलिस के तेवरों में बगावत देखने को मिली थी. विरोधस्वरूप पुलिसकर्मियों ने काली पट्टी बांध कर सोशल मीडिया पर अपना विरोध बी दर्ज कराया था.उस बगावत को रोकने के लिए डीजीपी ने पुलिस ने 3 पुलिसकर्मियों को निलंबित करन के आदेश दिए थे. तब थाना नाका, थाना गुडंबा और थाना अलीगंज के सिपाहियों को तत्तकाल निलंबित करके कड़ा संदेश दिया था.इसके अलावा सिपाहियों के प्रमोशन की घोषणा की थी.
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लेकिन कुछ दिन तक दबी विरोध की ये चिंगारी फिर से सोशल मीडिया पर अपनी तासीर दिखा रही हैं और विरोध के तासीर की तमाम तस्वीरें apnauttarpradesh.co.in आपको दिखा रहा हैं. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में सिपाही अपना चेहरा छिपाकर बैनर दिखाकर अपना विरोध जता रहे हैं. कारर्वाई से बचने और पहचान छिपाने को चेहरा छिपाकर फोटो शेयर की गई हैं.
तस्वीर नंबर-1

इस तस्वीर में चेहरा तो साफ नहीं दिख रहा लेकिन विरोध साफ-साफ और बड़े अक्षरों में जो विरोध जताया जा रहा है वो साफ पता चल रहा है. इसमें 1861 के पुलिस एक्ट का विरोध किया जा रहा है. बता दें कि, ये कानून अंग्रेजों के समय बनाया गया था जो आजतक चल रहा है.
तस्वीर नंबर-2

इस तस्वीर में भी उसी अंदाज में विरोध जताया गया है. चेहरा छिपाकर बैनर दिखाकर जो मांग की गई है उसमें बॉर्डर जनपद में तैनाती की मांग की गई है.बता दें कि, नियम के मुताबिक पुलिसकर्मियों को अपने जिले में तैनाती नहीं मिलती है
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तस्वीर नंबर-3

इस तस्वीर में पुलिसकर्मियों का जो दर्द है वो वेतन की विसंगतियों को लेकर है.पुलिसकर्मी बीते अरसे से वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं.अंग्रेजों के समय से मिल रहे नाममात्र के भत्तों को बदलने की मांग कर रहे हैं.
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दरअसल, बीते दिनों पुलिसकर्मियों के तनाव की खबरे भी आई थीं.पिछले 3 महीनों में 2 आईपीएस और 15से ज्यादा पुलिसकर्मी आत्महत्या भी कर चुके हैं. पुल्सकर्मी वेतनविसंगती और छुट्टियों को लेकर विरोध जता रहे हैं.21 अक्टूबर को पुलिस दिवस है.उससे पहले नाराज पुलिसकर्मियों का ये दबाव वाला दांव भी हो सकता है.
