क्यों हर साल रावण दहन कर मनाया जाता है दशहरा, क्या है इसका धार्मिक महत्व?

ब्लॉग

नई दिल्ली: दशहरा का त्यौहार पूरे भारत में उत्साह और धार्मिक निष्ठा के साथ मनाया जाता है. अच्छाई की बुराई पर जीत का त्यौहार विजयदशमी प्रत्येक वर्ष नवरात्री की समाप्ति के बाद दसवें दिन मनाया जाता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार यह आश्विन माह के दसवें दिन शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है. इस वर्ष दशहरा 19 अक्तूबर को है. विजयादशमी के दिन रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है.

इस दिन भगवान रामचंद्र चौदह वर्ष के वनवास के बाद और रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे. इसलिए भी इस पर्व को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि आश्विन शुक्ल दशमी को तारा उदय होने के समय ‘विजय’ नामक मुहूर्त होता है. यह काल सर्वकार्य सिद्धिदायक होता है इसलिए भी इसे विजयादशमी कहते है.

दशहरा शब्द की उत्पत्ति

दशहरा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द ‘दश- हर’ से हुई है. इसका शाब्दिक अर्थ दस बुराइयों पर विजय पाना है. दशहरा उत्सव, भगवान श्रीराम का अपनी अपहृत पत्नी सीता को रावण पर जीत प्राप्त कर छुड़ाने के उपलक्ष्य में और अच्छाई की बुराई पर विजय, के प्रतीकात्मक रूप में मनाया जाता है.

आपको बता दें, दशहरे का यह पर्व दुर्गोत्सव के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह माना जाता है कि उसी दिन एक और राक्षस जिसका नाम महिषासुर है का दसवें दिन माता दुर्गा द्वारा वध किया गया था.

क्यों जलाया जाता है रावण का पुतला

दशहरे में रावण के दस सिर इन दस पापों के सूचक माने जाते है – काम, क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, आलस्य, झूठ, अहंकार, मद और चोरी. इन सभी पापों से हम किसी न किसी रूप में मुक्ति चाहते हैं और इस आस में हर साल रावण का पुतला बड़े से बड़ा बना कर जलाया जाता है ताकि हमारी सारी बुराइयां भी इस पुतले के साथ अग्नि में स्वाह हो जाएं.

दशहरे पर होती है शमी के वृक्ष की पूजा
हिंदू धर्म में विजयादशमी के दिन शमी वृक्ष की भी पूजा की जाती है. खासकर क्षत्रियों में इस पूजन का महत्व ज्यादा है. महाभारत के युद्ध में पांडवों ने इसी वृक्ष के ऊपर अपने हथियार छुपाए थे और बाद में उन्हें कौरवों से जीत भी प्राप्त हुई थी. इस दिन शाम को वृक्ष का पूजन करने से आरोग्य और धन की प्राप्ति होती है. दशहरे पर शमी के वृक्ष की पूजन परंपरा भारत में प्राचीन समय से चली आ रही है.

लेखक- मेघा शर्मा

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *