नोएडा: गुजरात में बनी देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी` का 31 अक्टूबर को अनावरण हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. सरदार सरोवर डैम से करीब 3 किमी की दूरी पर खड़ी सरदार पटेल की प्रतिमा नोएडा के दिल के बेहद करीब है. आइए मिलते हैं दुनिया की सबसे ऊंची इस प्रतिमा को मूर्त रूप देने वाले पद्म विजेता रामवन सुतार से, जो नोएडा में रहते हैं.
रामवन पिछले 4 वर्षों से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाने में जुटे थे. उन्होंने बताया कि प्रतिमा के सांचे को तैयार करते समय यह ध्यान रहा कि सरदार पटेल का लौह पुरुष वाला व्यक्तित्व इसमें भी दिखाई दे. प्रतिमा सात हिस्सों में ले जाकर गुजरात में स्थापित की गई है. इसका जो मॉडल उन्होंने बनाया था, बाद में उसमें थोड़ा फेरबदल किया गया.
मूल मॉडल में उनके पैर आगे-पीछे थे, जबकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दोनों पैर एक साथ हैं. चेहरे की ऊंचाई करीब 70 फुट है. दोनों कंधों की चौड़ाई 140 फुट के करीब है. प्रतिमा के अंदर एक लिफ्ट लगाई गई है. इसमें बैठकर लोग लगभग 400 फुट की ऊंचाई पर जा सकेंगे. वहां सीने के पास लिफ्ट का दरवाजा खुलेगा. वहां बनी एक गैलरी से लोग सरदार पटेल के चेहरे को नजदीक से देख सकेंगे.

रामवन सुतार ने बताया कि कांस्य की जितनी भी प्रतिमाएं तैयार की जाती हैं, उनमें 85 प्रतिशत कॉपर, 5 प्रतिशत जिंक, 5 प्रतिशत टिन और 5 प्रतिशत लेड होता है. इस मिश्रण से तैयार होने वाली प्रतिमाओं में हजारों साल तक भी जंग नहीं लगता. रामवन सुतार के बेटे अनिल सुतार ने इस बात की पुष्टि की है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की 100 फुट की जो मूर्ति बनाई जानी है उसके दो मॉडल यूपी पर्यटन मंत्रालय ने मांगे थे. इनको तैयार करके राज्य सरकार के अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर दिया गया है.
इसलिए हैं खास
जन्म महाराष्ट्र में लिया पर कार्यक्षेत्र नोएडा को बनाया. सेक्टर 19 में रहते हैं और सेक्टर 63 के ए ब्लॉक में वर्कशॉप, जहां बनती हैं दुनिया भर की शख्सियतों की आदमकद प्रतिमाएं.
