पहली बार #MeToo पर बोले करण जौहर, कहा- ‘भद्दे मैसेज भेजना कूल नहीं’

मनोरंजन/वायरल

एंटरटेनमेंट डेस्क : #MeToo मूवमेंट के तहत इन दिनों बॉलीवुड में खलबली मची हुई है. #MeToo के चलते कई महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न की घटनाओं को सबके सामने खुलकर शेयर किया है. मीटू के चलते कई बॉलीवुड हस्तियां फंसी हुई दिखाई दे रही हैं. कई बॉलीवुड हस्तियों पर #MeToo मूवमेंट के तहत आरोप लगे हुए हैं. जिसमें नाना पाटेकर, विकास बहल, आलोक नाथ, साजिद खान, कैलाश खेर और सुभाष घई जैसी हस्तियों पर यौन अपराध के आरोप लगे हुए हैं. बता दें कि कई बॉलीवुड हस्तियों ने इस अभियान का समर्थन किया है तो कई इसके विरोध में हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी जिन्होंने अभी तक #MeToo को लेकर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है.

आपको बता दें कि इतने दिनों से #MeToo मूवमेंट पर अपनी चुप्पी साधे फिल्ममेकर करण जौहर ने भी इस अभियान को लेकर अब अपनी राय रखी है. हाल ही में करण ने रेडियो शो ‘कॉलिंग करण’ में बातचीत के दौरान कहा है कि ‘किसी को प्राइवेट पार्ट्स की तस्वीरें भेजना कूल नहीं है. शराब पीने के बाद किसी को गलत तरीके से झूना और किस करना भी कूल नहीं है. किसी के मना करने के बावजूद भद्दे मैसेज भेजना बिल्कुल कूल नहीं है. लोगों को दूसरों के द्वारा तय की गई सीमाओं को नहीं लांघना चाहिए. हमेशा दूसरे के जवाब की इज्जत करनी चाहिए.’

फिल्ममेकर करण जौहर ने आगे अपनी बात में कहा कि ‘बिना सहमति के किसी के साथ संबंध बनाना भी सेक्सुअल हैरेसमेंट के बराबर है. इसलिए सबसे बेहतर रहता है कि सामने वाले से सवाल पूछे और उनके जवाब की इज्जत करें.’ करण जौहर के अलावा कई लोग हैं जिन्होंने #MeToo मूवमेंट को लेकर अपनी राय रखी है. जिसमें फरहान अख्तर, प्रियंका चोपड़ा, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस और ए आर रहमान जैसे कई नाम शामिल हैं.

#MeToo मूवमेंट की शुरूआत हॉलीवुड में कुछ साल पहले हुई थी. उसके बाद जब तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर आरोप लगाया तो बॉलीवुड में भी #MeToo ने जोर पकड़ लिया है. इन दिनों देश में #MeToo मूवमेंट बड़ी तेजी से जोर पकड़ रहा है.

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