नई दिल्ली : आज दिवाली है. दिवाली का त्यौहार हमारे देश में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. इस बार दिवाली 7 नवंबर को मनाई जा रही है. कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दिपावली का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन अमावस्या होती है लेकिन हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये रोशनी का दिन होता है. इस दिन हर जगह रोशनी होती है. हर जगह दीपक जलाए जाते हैं. भारत में ये त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है. दिवाली को लेकर के ये मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम लंकापति रावण का वध करके और अपना 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे. इस दिन सभी अयोध्यावासियों ने नके आने की खुशी में अपने-अपने घरों में घी के दीपक जलाएं थे और सब ने साथ में खुशियां मनाई थीं.
आपको बता दें कि दिवाली के दिन धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है. मां लक्ष्मी के साथ दिवाली पर भगवान गणेश और कुबेर भगवान का भी पूजन किया जाता है. साथ ही लोग इस दिन अपने बही-खाता का भी पूजन करते हैं.
ऐसे करें लक्ष्मी पूजन
धन की देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की प्रतिमा को सबसे पहले एक चौकी पर रखें. लेकिन इस बात का खास ध्यान रखें कि प्रतिमा का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की तरफ होना चाहिए. इसके अलावा लक्ष्मी जी की मूर्ती गणेश जी की दाहिनी तरफ रखें. जिसके बाद एक चावल से भरे कलश को लक्ष्मीजी के पास रखें. जिसके बाद नारियल को लाल कपड़े में कर के उसे कलश के ऊपर रखें. ये कलश वरूण का प्रतीक होता है. घी के दीपक को गणेश जी के पास और तेल के दीपक को देवी लक्ष्मी के पास रखें. जिसके बाद पूजा के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बैठें. फिर मां लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में ही करें. मां की पूजा के बाद दीप दान जरूर करें.
दिवाली पूजन मुहूर्त
दिवाली का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. इसलिए इस दिन किसी भी वक्त पूजन कर सकते हैं.
अमावस्या तिथि प्रारंभ : 6 नवम्बर, रात 10:03 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त : 7 नवम्बर, रात 9:32 बजे
मुहूर्त समय
प्रातः 8 बजे से 9:30 बजे तक
10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
दोपहर 1:30 बजे से सायंकाल 6 बजे तक
सायंकाल 7:30 बजे से रात्रि 12:15 बजे तक
