नई दिल्ली. दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण की दर बढ़ने के साथ ही एक बार फिर पाबंदियों के दिन लौटने लगे हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कोरोना संकट को लेकर बैठक की और येलो अलर्ट लागू करने का ऐलान किया है. ग्रेडेड रेस्पॉन्स ऐक्शन प्लान के तहत दिल्ली में लेवल-1 का अलर्ट यानी येलो अलर्ट जारी किया गया है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस बारे में जल्दी ही विस्तृत आदेश जारी किया जाएगा. इसमें कई तरह के प्रतिबंधों का ऐलान किया जा सकता है. दिल्ली में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तय नियमों के मुताबिक येलो, अंबर, ऑरेंज और रेड अलर्ट का प्रावधान है.
आइए जानते हैं, येलो अलर्ट के तहत दिल्ली में लग सकती हैं क्या पाबंदियां…
दिल्ली मेट्रो, बसों का परिचालन 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ किया जाएगा और किसी यात्री को खड़े रहने की इजाजत नहीं होगी; कोविड ग्रेडेड एक्शन रिस्पॉन्स प्लान के तहत येलो अलर्ट प्रभावी होने के साथ ही अन्य पाबंदियां भी होंगी लागू.
डीडीएमए द्वारा जारी आदेश में यह कहा गया है कि सोमवार रात से लागू किये गये रात्रिकालीन कर्फ्यू का समय भी एक घंटा बढ़ा दिया गया है. यह अब रात 10 बजे से शुरू होगा. रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू अगले आदेश तक जारी रहेगा.
विवाह और अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 20 लोगों के उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी, जबकि अन्य सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समागम और उत्सव कार्यक्रमों पर पांबदी होगी.
जीआरएपी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो अपनी 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ संचालित होगी, जबकि ऑटो रिक्शा और कैब में दो यात्री तक बैठ सकते हैं. बसें भी 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ संचालित होंगी.
राष्ट्रीय राजधानी में महामारी की स्थिति की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इससे पहले दिन में कहा था कि संक्रमण के मामले तेज गति से बढ़ने के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी करने का फैसला किया गया है.
डीडीएमए के आदेश में कहा गया है कि येलो अलर्ट के मुताबिक सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी.
डीडीएमए के द्वारा मंजूर जीआरएपी के मुताबिक, यदि लगातार दो दिनों तक संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत से अधिक रहता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है.
