नई दिल्ली : संसद में पेश होने वाले बजट सत्र की तारीख का ऐलान कर दिया गया है. संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की बैठक में इस बात का फैसला कर लिया गया कि अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. इसके अलावा इस बात की भी जानकारी सामने आयी है कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा. पिछले साल 2018 का बजट सत्र 29 जनवरी से 6 अप्रेल तक चला था.
जानकारी दे दें कि आने वाला बजट सत्र मोदी सरकार का अंतिम बजट होगा. इसी साल मई या जून में लोकसभा चुनाव संपन्न होने वाले हैं. ऐसे आसार हैं कि इस बजट सत्र में वित्त मंत्री अरुण जेटली देशवासियों को कई सौगातें दे सकते हैं. पिछले साल बजट सत्र को दो चरणों संपन्न हुआ था जिसमें से पहला चरण 29 जनवरी से 9 फरवरी को हुआ और फिर दूसरा चरण 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलाया गया. अरुण जेटली वित्त मंत्री के तौर पर छठी बार संसद में बजट पेश करेंगे.
इस सरकार के अंतिम पूर्णकालिक शीतकालीन सत्र में राफेल को लेकर ज्यादतर चर्चा और हंगामा किए गए. इसके अलावा अंतिम समय में मोदी सरकार ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए सामान्य वर्ग के गरीब लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण को मंजूरी दी जो लोकसभा में हंगामे के बाद आखिरकार पारित हो गया. सरकार के द्वारा अगड़ी जाति के गरीबों को को दिया जाने वाला आरक्षण के लिए संविधान में संसोधन की जरूरत पड़ेगी और इस लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल लेकर आयी है जिसे फिलहाल लोकसभा से पारित कर दिया गया है.
बजट सत्र में सरकार अन्य लंबित विधेयकों को पारित कराने की कोशिश भी पूरी कोशिश करेगी लेकिन इसमें भी काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है. चुनाव से ठीक पहले होने वाले इस सत्र में विपक्ष के भी अपने मुद्दे होंगे जिनपर हंगामा हो सकता है. पिछले साल पूरा बजट सत्र आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठायी गयी थी.
