लखनऊ: तो….आखिरकार वो हो ही गया जिसका सबको इंतजार था. ओमप्रकाश राजभर और शिवपाल यादव को लेकर समाजवादी पार्टी में जो सुगबुगाहट थी. जो दरार थी…जो तकरार थी. उसका पटाक्षेप एक पत्र ने कर दिया. यानि, समाजवादी पार्टी ने कह दिया कि, आपकी जहां चाह, वहां बनाओ राह।
ओमप्रकाश राजभर के पत्र में क्या लिखा?
दरअसल, राज्यसभा चुनाव फिर MLC चुनाव और अब हाल ही में निपटे उपचुनाव के दरमियान राजभर और अखिलेश यादव के बीच तनाव की तस्वीर और तकरीर खूब देखी और सुनी जा रही थीं. ओम प्रकाश राजभर लगातार अखिलेश यादव को AC कमरे से निकलने की नसीहत दे कर निशाना साध रहे थे. इधर राष्ट्रपति चुनाव में समाजवादी पार्टी के सहयोगी होने के बावजूद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर बीजेपी समर्थित प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मु के समर्थन में खड़े दिखे और वोट भी दिया. इस सबके बीच समाजवादी पार्टी की ओर से शनिवार को एक चिट्ठी जारी कि, गई जिसमें लिखा है कि…
‘ओमप्रकाश राजभर जी, समाजवादी पार्टी लगातार भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ रही है. आपका भारतीय जनता पार्टी के साथ गठजोड़ है और लगातार भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं. अगर आपको लगता है कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जाने के लिए आप स्वतंत्र हैं.’

शिवपाल यादव को भी जारी की गई चिट्ठी…
शिवपाल यादव और समाजवादी पार्टी के रिश्ते की तल्खी भी जगजाहिर है. शिवपाल यादव लगातार अखिलेश यादव पर टिप्पणी करके नसीहत देते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में वो भी राजभर की तरह द्रौपदी मुर्मु के समर्थन में रहे. अब समाजवादी पार्टी की ओर से जारी की गई चिट्ठी में लिखा है कि,…
“शिवपाल सिंह यादव जी, अगर आपको लगता है, कहीं ज्यादा सम्मान मिलेगा तो वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं.”

राजभर और शिवपाल यादव का जवाब…
इस चिट्ठी प्रकरण के बाद सुहेलदेव समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर और सपा विधायक तथा अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने भी पलटवार किया है. चिट्ठी सामने आते ही ओम प्रकाश राजभर ने भी अपने अंदाज में कहा, यह तलाक हमें मंजूर है…वहीं ओमप्रकाश राजभर के बेटे ने लिखा, ‘खुदकुशी करती है आपस की सियासत कैसे, हमने ये फिल्म नई खूब इधर देखी है, धन्यवाद है समाजवादी पार्टी, अखिलेश यादव जी को… फिर मिलेंगे चलते-चलते।’
शिवपाल यादव ने दिया धन्यवाद-
ट्वीट करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि, “मैं वैसे तो सदैव से ही स्वतंत्र था, लेकिन समाजवादी पार्टी द्वारा पत्र जारी कर मुझे औपचारिक स्वतंत्रता देने हेतु सहृदय धन्यवाद. राजनीतिक यात्रा में सिद्धांतों और सम्मान से समझौता अस्वीकार्य है”
बीजेपी ने किया अखिलेश पर वार
इस मामले के बाद बीजेपी ने सपा पर निशाना साधा है….बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि, सपा का मूल चरित्र ऐसा ही रहा है। जिसका भी हाथ पकड़ा उसका हाथ झटक भी दिया है। पहले कांग्रेस बसपा और अब शिवपाल और राजभर। जिसने अपने पिता को गच्चा दिया हो वह अपने सहयोगियों के साथ कैसे रह सकता है।
