कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के खिलाफ एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. जिसके बाद राज बब्बर की मुश्किलों में इजाफा हो सकता है. मारपीट वाले इस मुकदमे में कोर्ट में उपस्थित न होने पर स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने राजबब्बर के खिलाफ ये वारंट जारी किया है.

दरअसल, मामला 1996 का है जब एक पोलिंग बूथ में घुस कर मतदान अधिकारी से मारपीट करने के आरोप में राज बब्बर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इसी मामले में राज बब्बर को कोर्ट में उपस्थित होना था लेकिन वे नहीं हुए. बता दें की मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी 2019 को होना तय किया गया है. यह आदेश जज पवन कुमार तिवारी ने जेष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र और लाल चन्दन को सुनकर दिया है. पवन कुमार तिवारी स्पेशल कोर्ट के जज हैं.

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जानिए क्या है पूरा मामला

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहे मुकदमे पर गौर करें तो मामला लखनऊ के वजीरगंज थाने का है. 2 मई 1996 को राज बब्बर पर आरोप लगा था कि तत्कालीन सपा प्रत्याशी रहते हुए वो मतदान स्थल में घुस आए. इतना ही नहीं उन्होंने मतदान अधिकारी पर फर्जी वोट डलवाने का आरोप तक लगाया. इस बात से इंकार करने पर राज बब्बर और उनके साथ आए अरविंद यादव ने पीठासीन अधिकारी के साथ जबरदस्त मारपीट की थी. इसके बाद वादी श्रीकृष्ण सिंह ने राज बब्बर के खिलाफ मारपीट और आचार संहिता के उल्लंघन की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

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राज बब्बर पर आरोप लगाया गया कि तत्कालीन पोलिंग अफसर अरविंद यादव के साथ मारपीट की. ये बात भी सामने आयी थी कि मुकदमे का मूल अभिलेख वजीरगंज थाने से ही गायब हो गया. जिसके बाद सीजेएम के आदेश पर विवेचक अयोध्या प्रसाद वर्मा ने प्रमाणित छाया प्रति कोर्ट में 2003 में दाखिल की थी.

पहले तो ये मामला लखनऊ में ही चल रहा था फिर बाद में इलाहाबाद में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट बनने के बाद इस मामले को यहां भेज दिया गया. जिसमें सुनवाई शुरू हुई तो राज बब्बर को सुनवाई के दिन हाजिर होने का समन दिया गया. यहां तक की स्पेशल कोर्ट ने राज बब्बर को नोटिस जारी किया था इसके बावजूद राज बब्बर फिर भी पेश नहीं हुए तो गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया.

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