नई दिल्ली : ऐसा लग रहा है कि आगरा के ताजमहल के सौंदर्यीकरण के साथ साथ यमुना नदी का भी अब कायकल्प हो जाएगा. दरअसल, सौंदर्यीकरण के लिए अब नमामि गंगे मिशन ने हाथ आगे बढ़ाते हुए यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए कई करोड़ रुपयों की मंजूरी दे दी है. इसके बाद उम्मीद लगायी जा रही है कि यमुना स्वच्छ हो जाएगी.
नमामि गंगे मिशन ने इसके लिए 857.26 करोड़ रुपये की स्वीकृत दी है जिससे 61 नाले-ड्रेन, जिनका किसी वजह से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है उन्हें एक बार काम में लाया जा सके. इसके अलावा 166 एमएलडी की क्षमता वाले तीन नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की योजना भी तैयार की गयी है. नए एसटीपी मंजूरी आगरा के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के लिए भी दी गयी है.
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इतने करोड़ की है परियोजना
बताया जा रहा है कि बुधवार को दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की गयी. इस बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास व गंगा कायाकल्प मंत्री नितिन गड़करी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए. बैठक में जल स्वच्छता की अलग-अगल परियोजनाओं के लिए 1573.28 करोड रुपये की राशि मंजूर दे दी गयी.
बैठक में तय हुआ कि ताजमहल के आसपास यमुना का जल स्वच्छता के मापदंडों पर नहीं उतरता. वहां पर जो मौजूदा नाले या डेन हैं जो अलग-अलग कारणों से बंद पड़े हैं या फिर उनमें तय क्षमता के अनुसार प्रदूषित जल नहीं आ रहा. नयी योजना पर गौर करें तो आगरा में 10 केंद्रीयकृत एसटीपी का निर्माण किया जाएगा और इनकी क्षमता 9.38 एमएलडी तय की गयी है.
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तय एमएलडी से मौजूदा दोनों एसटीपी की क्षमता बढ़ाने, सीवरेज पंपिंग स्टेशन को दुरुस्त करने और क्लोरीनेशन के लिए भी एसटीपी को अपग्रेड करने का काम किया जाएगा. इस परियोजना के जरिये यमुना में प्रदूषण की मात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी. इससे यमुना का स्वच्छता लेवल तो बढ़ेगा साथ ही ताजमहल के आसपास भू-जल के स्तर में भी बढ़ोत्तरी होगी.
कासगंज और सुल्तानपुर की नदियों का भी होगा कायाकल्प
आपको बता दें कि इसके अलावा कासगंज में 76.73 करोड़ रुपये की लागत से कई प्रोजेक्ट, सुल्तानपुर के लिए भी 64.76 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. इसके अलवा अन्य राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर बैठक में मुहर लगायी गयी.
अन्य राज्यों के लिए भी प्रोजेक्ट को मंजूरी
नमामि गंगे मिशन ने बिहार के छप्परा, फतुहा, बख्तियारपुर और खगरिया में 328.52 करोड रुपये की की लागत की परियोजना पर मुहर लगायी है. हिमाचल प्रदेश की बात करें तो में पावंटा साहिब के लिए भी 1.72 एमएलडी की क्षमता वाला एक एसटीपी तैयार किया जाएगा. इसके लिए 11.57 रुपये खर्च करना होगा. यमुना नदी के किनारे पर प्रसिद पावंटा साहिब गुरुद्वारा स्थित है जहां अक्सर ही श्रद्धालु आते रहते हैं.
