जानिए क्यों? इस बार 21 अक्टूबर को लाल किले पर झंडा फहराएंगे पीएम मोदी

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नई दिल्ली: अगर आपसे पूछा जाए कि, प्रधानमंत्री लाल किले पर कब तिरंगा फहराते हैं. तो यकीनन आपका जवाब 15 अगस्त ही होगा. क्योंकि, अब तक देश के प्रधानमंत्री सिर्फ 15 अगस्त को ही लाल किले पर झंडा फहराते हैं.लेकिन अब आप अपना जवाब बदल लीजिए. क्योंकि, 21 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर झंडा फहराएंगे और ऐसा करने वाले वो देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे.

दरअसल, सुभाष चंद्र बोस की ‘आजाद हिंद फौज’ के गठन को 21 अक्टूबर  2018 को 75 साल हो रहे हैं. इसी 75वीं जयंती के मौके पीएम मोदी लाल किले पर झंडारोहण करेंगे.अपने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए खुद पीएम मोदी ने इस बात की पुष्टि भी की है. इस दौरान पीएम ने कहा कि, ‘कुछ लोग इसकी आलोचना भी करेंगें ना जाने वो मेरे बाल नोच लें’

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वहीं केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि, ये हमारी गौरवशाली विरासत का हिस्सा है जिसे पुरानी सरकारों ने भुला दिया.21 अक्टूबर की तारीख ऐतिहासिक है.

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लाल किले में 21 अक्टूबर को झंडा फहराने के अलावा सरकार की योजना है कि, वहां  सुभाषचंद्र बोस के नाम पर संग्रहालय खोला जायेगा .इस संग्रालय में आजाद हिंद फौज से जुड़ी यादों को सहेजा जाएगा. हाईटेक लाइट एंड साउंड और एनिमेश के जरिए आजाद हिंद फौज के बारे में बताया जायेगा. बता दें कि, लाल किले के भीतर सलीमगढ़ नाम की इमारत में आजाद हिंद फौज के तीन अधिकारियों को पर मुकदमा भी चला था जो ‘लाल किला मुकदमें’ के नाम से मशहूर हुआ था.

इसके अलावा सरकार   1857 के स्वतंत्रता सेनानियों और ‘जलिया वाला बाग’ के शहीदों को समर्पित संग्रहालय भी बनवाएगी. जिसे जनवरी तक आम जनता के लिए खोल दिया जायेगा.

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