नई दिल्ली : आतंकवादियों का खात्मा करने के लिए इसरो ने नया प्लान तैयार किया है, अगर ये प्लान सक्सेस रहा तो जल्द ही पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकवादी हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम का खात्मा हो जाएगा, इसके लिए इसरो ने पूरी तैयार कर ली है और एक सैटेलाइट अंतरिक्ष में तैनात भी कर दिया है
आतंकीयों की सटीक लोकेशन बताएगा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस सैटेलाइट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने सोमवार को श्रीहरिकोटा से भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉच व्हीकल से 29 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजे हैं, इनमें से एक सैटेलाइट का उपयोग इसरो पाक परस्त आतंकवादियों की लोकेशन जानने के लिए करेगा, बताया जा रहा है इस उपग्रह का नाम एमिसेट है और इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम को मापने के लिए किया जाएगा. इसके जरिए दुश्मन देशों के रडार सिस्टम पर नजर रखने के साथ ही उनकी लोकेशन का भी पता लगाया जा सकेगा. एमिसेट का वजन करीब 436 किलोग्राम है, इस मौके पर इसरो के अध्यक्ष के. सिवान ने कहा कि “यह हमारे लिए विशेष मिशन है.
रचा एक और कीर्तिमान
अंतरिक्ष की दुनिया में भारत लगातार इतिहास रचता जा रहा है. दरअसल एमिसेट के आलावा इसरो ने 28 और उपग्रह लॉन्च किए जिसमें 24 अमेरिका के, 2 लिथुआनिया के और 1-1 सैटेलाइट स्पेन और स्विट्जरलैंड के हैं, इस मिशन की खास बात ये ही कि यह पहला मौका है जब इसरो एक अभियान में तीन अलग-अलग कक्षाओं में उपकरण स्थापित कर रहा है
काफी महत्वपूर्ण है ये अभियान
यह अभियान करीब 180 मिनट का है, लॉन्च होने के पहले 17 मिनट पूरे होने पर पीएसएलवी 749 किलोमीटर की ऊंचाई पर एमिसेट को स्थापित करेगा, इसके बाद चौथे चरण में लगे सोलर पावर इंजन को चलाकर करीब 504 किलोमीटर की ऊंचाई पर विदेशी नैनो सैटेलाइट्स स्थापित करेगा, इसके बाद चौथे चरण में ही रॉकेट को 485 किलोमीटर ऊंचाई पर लाया जाएगा, जहां यह ऑर्बिटल प्लेटफार्म की भूमिका निभाकर अपने साथ लाए तीन प्रायोगिक पेलोड की मदद से चंद्रयान-2 अभियान से जुड़े कुछ खास प्रयोग पूरे करेगा
