लखनऊ : 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में कट ऑफ मार्क्स कम करने को लेकर इलाहाबाद होईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस मामले में हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को राहत दी है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के कट ऑफ मार्क्स के आधार पर भर्ती किया जाए. आज हुई सुनवाई में कोर्ट ने आदेश दिया कि 45 और 40 प्रतिशत कट ऑफ मार्क्स के आधार पर ही भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाए.
बता दें कि, 3 दिन पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में राज्य सरकार के उस शासनादेश को निरस्त करने का आदेश दिया था. जिसमें इस भर्ती परीक्षा के क्वालिफाइंग मार्क्स आरक्षित वर्ग के लिए 60 और सामन्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत की कटऑफ तय की गई थी. कोर्ट ने परीक्षा नियंत्रक प्राधिकरण की पिछली भर्ती के मुताबिक ही क्वालिफाइंग मार्क्स तय करने का आदेश दिया था. इसके साथ ही कोर्ट ने 3 महीने के अंदर परिणाम घोषित करने के भी आदेश दिए थे. अब इलाहाबाद बाद हाईकोर्ट ने भी ऐसा ही फैसला सुनाया है.
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क्या है मामला?
दरअसल, 6 जनवरी 2019 को 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा हुई थी. इस परीक्षा में 4 लाख 10 हजार 440 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसके बाद सरकार ने 7 जनवरी को शासनादेश जारी किया था कि, अभ्यर्थियों की ज्यादा संख्या होने और शिक्षकों की गुणवत्ता की वजह से इस परीक्षा में कटऑफ के अंक 65 और 60 फीसद रहेंगे. यानि आरक्षित वर्ग के लिए 60 और सामन्य वर्ग के लिए 65 प्रतिशत. इस परीक्षा में शिक्षामित्र भी सम्मिलित हुए थे जिन्हें 25 अंको का भारांक मिला था. शिक्षामित्र और कुछ अन्य लोग ज्यादा कटऑफ का विरोध कर रहे थे. क्योंकि, एक दिसंबर और 5 दिसंबर को जारी हुई 2018 की भर्ती में ये कटऑफ 33 और 30 फीसदी थी.इसी को लेकर करीब 99 अभ्यर्थियों ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.
अब कटऑफ घटने से होगी ये कलह
कोर्ट के आदेश से कटऑफ घटने से पास होने वाले शिक्षकों की संख्या ज्यादा हो जाएगी. कटऑफ घटने से पास होने वाले शिक्षकों की संख्या करीब दोगुना हो जाएगी. इस शिक्षक भर्ती में 69 हजार पद हैं ऐसे में एक पद के लिए कम से कम 4 दावेदार होंगे. यानि कई अभ्यर्थियों की नौकरी का सपना पास होने के बाद भी अधूरा रह जाएगा.
