लखनऊ : 2019 के बीजेपी के घोषणापत्र की चर्चा चारों ओर हो रही है, ऐसे में उन वादों पर नजर डालने की जरुरत है जो बीजेपी ने 5 साल पहले अपने घोषणापत्र में किए थे, क्या बीजेपी ने अपने सभी वादे पूरे किए या फिर कुछ वादे रह गए, आइये जानते हैं वो कौन कौन से वादे हैं जिन्हें बीजेपी पूरा नहीं कर पाई.
परेशान है देश का हर मुसलमान, नरेंद्र मोदी ने खराब किया देश का माहौल : आजम खान
25 फीसदी उत्पादन का वादा
बीजेपी ने अपने 2014 के घोषणापत्र में वादा किया था कि ‘मेक इन इंडिया’ की मदद से अर्थव्यवस्था में मैन्युफ़ैक्चरिंग का योगदान बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा. मगर सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़ मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर का जीडीपी में योगदान अब तक 15 फ़ीसदी के लगभग ही है.
कितनी साफ़ हुई गंगा?
साल 2014 में प्रधानमंत्री बने तब सरकार ने वादा किया था कि वो प्रदूषित गंगा नदी को पूरी तरह साफ करने का काम करेंगे, 2015 में बकायदा इसके लिए एक कार्यक्रम की शुरुआत भी हुई, जिसके तहत हजारों करोड़ों का बजट आवंटित किया गया, मगर विपक्ष का दावा है कि गंगा सफाई अभियान में सरकार अपने वादा से पीछे हट रही है, गंगा की सफ़ाई का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है. ऐसा बिल्कुल नहीं लगता 1,568 मील लंबी इस नदी को साल 2020 तक पूरी तरह साफ़ किया जा सकेगा.
सीमा को मजबूत करने के वादा
बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में ये भी कहा था कि अगर वो सरकार में आती है तो सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा, मगर पठानकोट हमला और पुलवामा हमले के बाद चारों ओर से सवाल उठने लगे की सरकार अभी भी सीमा सुरक्षा को मजबूत नहीं कर पा रही है.
प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल देंगे समाजवादी पार्टी को वोट, बताई यह वजह
कश्मीरि पंडितों का विस्थापन
बीजेपी ने वादा किया था कि वो अगर सरकार में आती है तो जम्मू में बसे 1 लाख से ज्यादा कश्मीरि पंडितों को वापस कश्मीर में विस्थापन के लिए काम करेगी, मगर 5 साल बीत जाने के बाद एक भी कश्मीरि पंडित का विस्थापन नहीं हुआ, हालांकि 3 साल बीजेपी ने जम्मू कश्मीर में भी सरकार चलाई है.
राम मंदिर निर्माण
हिन्दुओं द्वारा लंबे समय से राम मंदिर बनवाने को लेकर मांग उठाई जाती रही है, बीजेपी इस मांग को पूरा करने के लिए लंबे समय से कहती आई है और उसने साल 2014 के चुनाव में अपने घोषणा पत्र में अयोध्या में राम मंदिर बनवाने का वादा किया था, मगर मामला अभी भी कोर्ट में है.
