लखनऊ: उत्तर प्रदेश की जनता को अब घर में बल्व जलाने से डर और अंधेरे प्यार हो सकता है क्योंकि, प्रदेश में बढ़ी बिजली की दरें लागू हो गई हैं. और इन दरों के लागू होने के बाद बिजली अब औसतन 12 फीसदी महंगी हो गई हैं. बड़ी बात ये है कि, किसी भी राज्य में इतनी महंगी बिजली दरें नहीं हैं.वहीं बिजली कंपनियों ने प्रदेश के उपभोक्ताओं से न दरों के मुताबिक बिलिंग की तैयारी भी शुरू कर दी हैं.
कितनी बढ़ी हैं दरें
नई दरों के मुताबिकक बिना मीटर वाले ग्रामीण कनेक्शनों में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है
किसानों की बिजली मेंलगभग 14 फीसदी दरें बढ़ी हैं
शहरी घरेलू दरों में 12 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी
कमर्शियल बिजली में 8.17 रुपये प्रति यूनिट
भवन निर्माण के लिए अस्थाई कनेक्शन लेने पर 8 रुपए/यूनिट
उद्योगों की बिजली में 5 से 10 फीसदी की वृद्धि
उपभोक्ता परिषद ने दी है चेतावनी
बिजली दरों की वृद्धि पर जहां विपक्षी सियासी दलों ने भी मौन साधा हुआ है वहीं उपभोक्ता परिषद इन दरों को लेकर मुखर हुआ है. उपभोक्ता परिषद ने इन दरों के खिलाफ संवैधानिक लड़ाई की चेतावनी दी है. उत्तर प्रदेश राज्य उपभोक्ता परिषद के अद्यक्ष अवधेश कुमार ने विद्युत नियामक आयोग में दाखिल पुनर्विचार प्रत्यावेदन और उर्जामंत्री को दिए ज्ञापन पर चुप्पी साधने पर भी सवाल उठाए हैं. वहीं बढ़ी दरों पर बड़ा खुलासा करते हुए अवधेश कुमार ने कहा है कि, ज्यादातर राज्यों ने नियामक आयोग के प्रस्ताव को या तो खारिज कर दिया है या फिर नाममात्र को दरें बढ़ाई है. इसके उलट उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा भारी दरों में बढ़ोत्तरी की गई है.
किस राज्य में कितनी बढ़ी बिजली दरें
राज्य औसत वृद्धि %
उत्तर प्रदेश 12%
मध्य प्रदेश 7%
कर्नाटक 4.28%
पंजाब 2.14%
उत्तराखंड 2.79%
आंध्र प्रदेश 0%
उड़ीसा 0%
हरियाणा 0%
गुजरात 0%
बिहार 0%
दिल्ली 0%
