वाराणसी : 25 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में मेगा रोड शो किया, पीएम मोदी का ये रोड शो करीब 3 घंटे चला, इसके बाद पीएम दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती करने पहुंचे, यहां वो करीब 1 घंटे रुके और गंगा आरती की, जल आचमन किया और दीप दान किए, लेकिन क्या आप जानते हैं मोदी ने इसी घाट को क्यों चुना, पीएमओ चाहता तो कोई और घाट भी तय कर सकता है, लेकिन इस घाट के पीछे एक रहस्य छिपा है
विजय के प्रयास का प्रतीक
दरअसल, इस घाट पर राजा दिवोदास ने दस अश्वमेध यज्ञ करवाये थे, यज्ञ के पीछे का कारण माना जाता है कि राजा ने विजय के प्रयास के चलते इस घाट पर यज्ञ करवाया था, घाट को विजय के प्रयास के प्रतिक के तौर पर माना जाता है, इसलिए कहा जा रहा है कि 2019 में बीजेपी फिर जीते लिहाजा पीएम ने इस घाट पर गंगा आरती करने का निश्चय किया वहीं एक दूसरे मत के अनुसार नागवंशीय राजा वीरसेन ने चक्रवर्ती बनने की आकांक्षा से इस स्थान पर अश्वमेध यज्ञ करवाया था
इस बार भी शुभ मुहूर्त में करेंगे नामांकन
पीएम 26 अप्रैल को सुबह साढ़े ग्यारह बजे पीएम मोदी पर्चा दाखिल करेंगे, 26 अप्रैल को सुबह साढ़े ग्यारह बजे नामांकन का वक्त रखने के पीछे एक खास वजह बताई जा रही है. काशी के ज्योतिषियों के मुताबिक, पीएम मोदी के कुंडली के मुताबिक ये बेहद शुभ है. शुक्रवार के दिन स्थायी जय योग होने के चलते इसे काफी शुभ योग माना जा रहा है. पिछली बार भी पीएम ने 24 अप्रैल को अभिजीत मुहूर्त के दौरान सुबह 11.30 से 12.10 बजे के बीच नामांकन दाखिल किया था
