जश्न-ए- आजादी पर गजब संयोग: इधर लाल किले को हुए 370 साल, उधर जम्मू-कश्मीर से हटी है 370

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नई दिल्ली: ये अजब-गजब संयोगी ही है कि, आज जब लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी देश को संबोधित कर रहे थे तो जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के हटाने का भी जोर-शोर से जिक्र हुआ. लेकिन संयोग तो देखिए जिस लाल किले पर खड़े हो कर पीएम धारा 370 की बात कर रहे थे वो लाल किला भी अपने 370 साल पूरे कर चुका है.70 वीं सदी से लकेर 21वीं सदी तक तमाम इतिहास का साक्षी रहा लालकिला इस बार अखंड भारत की तस्वीर से लालिमामय था. क्योकि, सही मायनों में जम्म्-कश्मीर भारत का हि्स्सा है.

लाल किले की इनसाइड स्टोरी
जश्न-ए-आजादी का उद्घघोषर बन चुका लालकिला अपने आप में एक भव्य और अनूठा इतिहास समाए हुए है. 1668 में शाहजहां के आदेश पर इस लालकिले की नींव रखी गई थी. करीब डेढ़ मील में अष्टभुजाकार आकार में बने इस महल का निर्माण कार्य उस्ताद अहमद और उस्ताद हामिद ने किया था. 1647 में इसके उद्धघाटन के वक्त चीन के रेशम, टर्की के मखमल और भारी पर्दों से सजावट की गई थी. मुगलकाल में इसे किला-ए-मुबार कहा जाता था. उस वक्त ये किला शाहजहां की नई राजधानी शाहजहांनाबाद का महल था. तब ये जगह दिल्ली शह की सातवी मुस्लिम नगरी थी. शाहजहां ने करीब 11 साल तक आगरा से राजपाट चलाने के बाद दिल्ली को अपनी राजधानी बनाया था. इस किले में मुगल और उनके परिवार और वंशज करीब 200 साल रहे थे

अंग्रेजों किले को अपनी छावनी बनाया था
मुगलों के बाद अंग्रेजों को भी ये लाल किला खूब भाया था. ब्रिटिश काल में इस किले को छवनी बनाया गय़ा था. इस किले की अभेद दीवारें को देखकर अंग्रेज भी आश्चर्यचकित रह गए थे. इसलिए उन्होंने इसे अपनी छावनी बनाया. आजादी के बाद भी 2003 तक इसके क हिस्से सेना के नियंत्रण में रहे. 22 दिसंबर 2003 इसे पर्यटन विभाग को सौंप दिया गया. अभी इसका जिम्मा प्राइवेट हाथों में है.

किस पीएम ने कितनी बार फहराया झंडा
लाल किले की प्राचीर से अबतक 13 प्रधानमंत्री 72बार स्वतंत्रता दिवस पर तिंरंगा फहराकर देश को संबोधित कर चुके हैं. देश के पहले प्रधानंमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने यहां सबसे ज्यादा बार तिरंगा फहराया है. 1947 से लेकर 1964 तक नेहरू ने 17 बार झंडा फहराया था. दूसरे नंबर पर देश की इकलौती प्रधानमंत्री इंदिरागांधी ने 16 बार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह यहां 10 बार झंडा फहरा चुके है. अटल बिहारी वाजपेयी 6 बार, राजीव गांधी और नरसिंहा राव 5-5 बार मोरारजी देसाई दो बार, चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, देवगौड़ा ने एक-एख बार झंडा फहराया तो वही मोदी ने छठी बार ध्वजारोहण किया है. अटल जी के बाद पीएम मोदी 6 बार झंडा फहराने वाले दूसरे गैरकांग्रेसी हैं.

मोदी ने तोड़ा था नेहरू के लंबे भाषण का रिकॉर्ड
1947 में जवाहरलाल नेहरू ने लालकिले की प्राचीर से 72 मिनट का लंबा भाषम दिया था. नेहरू का ये संबोधन अपने आप में एक रिकॉर्ड रहा. 2014 में पीएम मोदी ने 65 मिनट का भाषण दिया था. लेकिन 2015 में नरेंद्र मोदी ने 86 मिनट का भाषण देकर नेहरू के उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया था.2016 में 94 मिनट का भाषण देकर अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ा. 2017 में मोदी ने सबसे छोटा यानि 54 मिनट का भाषण दिया था. 2018 में मोदी का भाषण 82 मिनट का था. डॉ. मनमोहन सिंह ने लालकिले से 10 भाषण दिए केवल दो बार ही इनका संबोधन 50 मिनट तक पहुंचा जबकि आठ बार का उनका भाषण 32 से 45 मिनट रहा.

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