अलीगढ़: एक के बाद एक कोरोना के बढ़ते मामले भी शायद सोते हुए स्वास्थ्य विभाग को जगा नहीं पा रहे हैं. इतना ही नहीं कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने के बावजूद भी मेडिकल टीम को क्वारंटीन नहीं किया गया है, बल्कि उनसे ड्यूटी कराई जा रही है. हालांकि, उन सभी की कोरोना जांच जरुर कराई गई है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, तुर्कमान गेट की रहने वली 20 साल की एक महिला 4 मई को मोहन लाल गौतम महिला चिकित्सालय में भर्ती हुई थी. उसे वहां पर ब्लड चढ़ाया गया था. इसके बाद वो महिला अपने घर चली गई थी लेकिन 8 मई को वो महिला फिर आई तब उसे बुखार था उस हालात में महिला को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था जहां जांच के बाद मिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई. महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर के बाद मोहनलाल गौतम अस्पताल में भी हड़कंप मच गया क्योंकि, उस महिला के इलाज के दौरान पर अलग-अलग शिफ्ट में करीब 35 स्वास्थ्यकर्मी संपर्क में आए थे. इसके बाद उन सभी के भी कोरोना की जांच के सैंपल लिए गए.
अधिकारियों और अस्पताल पर उठ रहे सवाल
इस मामले के बाद अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
1- मरीज के संपर्क में आए स्टाफ का क्वारंटीन क्यों नहीं किया गया ?
2- मेडिकल स्टाफ को पहले से PPE किट क्यों नहीं दी गई ?
3- मरीज के संपर्क में आए स्टाफ से ड्यूटी क्यों कराई जा रही है?
4- क्या इससे दूसरे लोगों में संक्रमण का खतरा नहीं है ?
5- मेडिकल स्टाफ के संपर्क में आए लोगों का डाटा तैयार क्यों नहीं किया गया ?
मामले के बाद मेडिकल स्टाफ को दी गईं किट
बताया जा रहा है कि, इस मामले से पहले किस भी स्टाफ को PPE किट नहीं दी गई थी. इससे पहले स्टाफ केवल कपड़े का गाउन जैसी ड्रैस पहनकर ही अपनी सुरक्षा कर रहा था. इस मामले के बाद हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने PPE किट का प्रबंध किया है. अधिकारियों की दलील है कि, मौजूदा परिस्थितियों में अस्पताल को बंद नहीं किया जा सकता है. वहीं ड्यूटी के मद्देनजर भी दिन की ड्यूटी और 3दिन के अवकाश का नियम बनाया गया है.
अलीगढ़ में कोरोना के हालात
शुक्रवार देर रात तक की बत करें तो जिले में 7 महिलाओं समेत 12 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आन के बाद, अब कुल मामले बढ़कर 79 हो गए हैं, यहां अबतक 8 लोगों की मौत हो चुकी हैं।
