नई दिल्ली : इंडियन स्पेश रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानि इसरो का मिशन चंद्रयान 2 अपने सफर पर है, भारत के अंतरिक्ष प्रोग्राम का ये खास और बेहद महत्वपूर्ण मिशन है, कुछ दिन पहले चंद्रयान 2 ने चांद की कक्षा में प्रवेश किया है, जो की भारतीय वैज्ञानिकों की कामयाबी मानी जा रही है, अब चंद्रयान 2 चांद के करीब है और जल्द ही चांद पर उतरने वाला है
23 अगस्त की तस्वीर
अपने सफर के दौरान चंद्रयान 2 ने कुछ तस्वीरें ली हैं जिन्हें इसरो ने सोमवार को चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान के टेरेन मैपिंग कैमरा-2 द्वारा चंद्रमा की सतह और उसके क्रेटर्स (गड्ढों) की तस्वीरों का एक नया सेट जारी किया. ISRO के अनुसार, इन तस्वीरों को 23 अगस्त को करीब 4,375 किलोमीटर की ऊंचाई से लिया गया, जिसमें जैक्सन, मित्रा, माच और कोरोलेव जैसे क्रेटर्स दिखाई दे रहे हैं.

71 KM. का है व्यास
ISRO ने कहा कि चंद्रमा से दूर उत्तरी गोलार्ध में स्थित जैक्सन एक प्रभावी क्रेटर है. क्रेटर का व्यास 71 किमी का है. माच क्रेटर के पश्चिमी बाहरी किनारे पर एक रोचक फीचर है, जिसका नाम मित्रा है. मित्रा का व्यास 92 किमी है. ISRO ने कहा, “इसका नाम प्रोफेसर शिशिर कुमार मित्रा के नाम पर रखा गया है, जो भारतीय भौतिक शास्त्री थे और पद्म भूषण से सम्मानित थे. वह अपने आयनोस्फीयर व रेडियोफिजिक्स के कार्यो के लिए जाने जाते हैं.” कोरोलेव क्रेटर में विभिन्न आकार के छोटे क्रेटर हैं. इसरो ने सोमरफील्ड व किर्कवुड जैसे क्रेटरों की तस्वीर भी जारी की है.
तस्वीरें हो रहीं वायरल
21 अगस्त को चंद्रयान -2 ने चांद की दूसरी कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया था. जिसके बाद चंद्रयान-2 ने लूनर सतह से लगभग 2650 किमी की ऊंचाई से ली गई चांद की तस्वीर वायरल हुई. ISRO (इंडिया स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी.
