नई दिल्ली/लखनऊ: कश्मीर मुद्दे के बाद अगर देश में किसी मसले पर कोलाहल मचा है, तो वो है मोटर वाहन संशोधित अधिनियम 2019 (Motor Vehicles Amended Act 2019). सड़क से लेकर सोशल मीडिया (Social media) तक हर कोई इसी के जिक्र और फिक्र में दुबला हो रहा है. नए मोटर व्हीकल एक्ट को लेकर तमाम बातें हो रही हैं. कुछ सुविधाओं की लंबी लिस्ट लेकर सवाल कर रहे हैं, तो कुछ सुधार के पक्ष में खड़े होकर इसका समर्थन कर रहे हैं. अधूरे कागजात और पूरे हनक के साथ सड़क पर चलने के चलन में एक भयावह सच ये भी है कि, युद्ध से ज्यादा लोग भारत में सड़क हादसों में मरते हैं.
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युद्ध से ज्यादा सड़क हादसों में मौत, यूपी हादसों में अव्वल
दरअसल, नए नियम के नजराने में 10 गुना जुर्माने की जो जिल्द चढ़ी है, वो ही लोगों को चुभ रही है. लेकिन इसका एक पहलू ये भी है कि, नियम भले ही थोड़ा कड़ा है, लेकिन सुधार की दिशा में कदम बड़ा है. क्योंकि, आंकड़े बताते है कि, हिंदुस्तान में हर साल सैंकड़ों जिंदगियां सड़क हादसों में हलाक हो जाती हैं. संसद में पेश आंकड़ों के मुताबिक अमूमन 400 लोगों की रोजाना मौत होती है. 2017 में देश में 1,47,913 लोगों की मौत हुई और इन मौतों का सबसे ज्यादा मातम उत्तर प्रदेश में मना है.जुलाई 2019 में तो यूपी में कई बड़े सड़क हादसे हुए हैं. इस नए कानून के बाद जरुरत इस बात की हैं कि, सरकारें और पुलिस भी इस मामले में जिम्मेदारी दिखाएं. इस नए कानून के ईमानदारी से लागू करवाएं.
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10गुना बढ़ा जुर्माना, जानिए किस जुर्म पर कितना जुर्माना
जुर्म पहले जुर्माना अब जुर्माना
सीट बेल्ट ना होना 300 1000
दो से ज्यादा सवारी 100 1000
बिना हेलमेट 200 1000
बिना लाइसेंस 500 5000
रद्द लाइसेंस से ड्राइविंग 500 10,000
बिना इंश्योरेंस 1000 2000
ओवर स्पीड 400 1000-2000
ड्रिंक & ड्राइव 2000 10, 000
मोबाइल पर बात 1000 5000
खतरनाक ड्राइविंग 1000 5000
बिना परमिट 5000 10, 000
