लखनऊ: यादव परिवार में एक बार फिर सुलह की संभावनाएं दिख रही है. सैफई में होली मिलन में दिल मिलने के बाद यादव परिवार की एक और खबर आई है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलश यादव चाचा शिवपाल यादव पर नरम दिखाई दे रहे हैं. दरअसल, समाजवादी पार्टी की ओर से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख शिवपाल यादव की विधानसभा रद्द करने की याचिका वापस लेने का फैसला किया है. इस सिलसिले में सपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को चिट्टी लिखकर याचिका वापस लेने की बात कही है. हाल ही में सैफई में होली मिलन समाोह के दौरान अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल के पैर भी छुए थे.
चिट्ठी में लिखा है…
आपके सम्मुख जो याचिका विचाराधीन है उसमें पूरे प्रपत्र नहीं लगे हैं. शिवपाल यादव की सदस्यता रद्द करने के लिए जो जरुरी प्रपत्र होते हैं उसे हम आपके समक्ष प्रस्तुत भी नहीं कर सके हैं. इसके कारण आपको (स्पीकर) निर्णय लेने में भी असुविधा हो रही है इसलिए इस याचिका को वापस कर दिया जाए.
पहले लिखी थी विधायकी रद्द करने की चिट्ठी
बता दें कि, शिवपाल यादव द्वारा अलग पार्टी बना लेने के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से शिवपाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए चिट्ठी लिखी गई थी. रामगोविंद चौधरी ने दलबदल विरोधी कानून के आधार पर शिवपाल यादव की सदस्यता रद्द करने के लिए 4 सितंंबर को चिट्ठी लिखी गई है.
