लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद आजम खां और उनके परिवार का सीतापुर जेल में रात काटना मुश्किल हो गया है. उनके बड़े बेटे अदीब और बहू सिदरा ने जेल में मुलाकात कर बाहर आने पर मीडिया से यह बात कही. सीतापुर जेल में पहली रात गुजारने के बाद सिदरा अपने सास-ससुर से मिलकर आईं. बाहर आकर उन्होंने बताया कि दोनों को काफी तकलीफ हुई है. उन्होंने बताया कि जेल में काफी मच्छर हैं.
‘मेरी सास का पिछले साल हुआ ऑपरेशन’
सिदरा ने कहा, “मेरी सास का पिछले साल ही ऑपरेशन हुआ था. वह डायबिटीज, ब्लडप्रेशर की भी मरीज हैं. वह काफी तकलीफ में हैं. मैं चाहती हूं कि दोनों का ध्यान रखा जाए.” इससे पहले सीतापुर जेल में शिफ्ट करने को लेकर भी बहू सिदरा ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई. उन्हें गुरुवार सुबह ही इस बारे में पता चला. उन्होंने उम्मीद जताई कि कोर्ट से उन्हें जल्द न्याय मिलेगा.
‘जेल मैनुअल-प्रोटोकॉल का हो रहा पालन’
वहीं जेलर डी.सी. मिश्रा का कहना है कि जेल मैनुअल और प्रोटोकॉल का नियम के हिसाब से पालन कराया जा रहा है. रामपुर के सांसद आजम खां को पत्नी और पुत्र के साथ रामपुर जेल से प्रशासनिक व्यवस्था के आधार पर सीतापुर जेल स्थानांतरित किया गया है. गुरुवार सुबह रामपुर पुलिस ने तीनों को सीतापुर जेल में दाखिल कराया है. सांसद आजम और इनके पुत्र विधायक अब्दुल्ला आजम खां जेल की विशेष सुरक्षा बैरिक में रखे गए हैं. आजम की पत्नी विधायक तंजीन फातिमा महिला वार्ड में हैं.
मंगलवार को जारी हुआ कुर्की का वारंट
आजम, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ मंगलवार को अपर जिला न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने कुर्की का वारंट जारी किया था. यह वारंट पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाने से संबंधित मुकदमे में जारी किए गए थे.
