नई दिल्ली: मोदी केबिनेट ने नगारिकता संशोधन बिल (CAB) 2019 को मंजूरी दे दी है सरकार अब ये बिल सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन शत्र में रखेगी. उम्मीद है कि, ये बिल मंगलवार को संसद में रका जा सकता है.
किस-किस को मिलेगा नागरिकता
इस बिल के संसद में पास होकर कानून बन जाने के बाद पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका आदि देशों में उत्पीड़न के शिकार हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयाईयों को भारत की नागरिकता दी जा सकेगी. यानि मुस्लिमों को भारत की नागरिकता नहीं मिलेगी.
विपक्ष कर रहा बिल का विरोध
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, माकपा ने इस बिल में शरणार्थी मुस्लिमों को शामिल नहीं करने पर सरकार पर हमला बोला है. विपक्ष और अन्य संगठनों का कहना है कि, ये बिल भारतीय संविधान के खिलाफ है. क्योंकि, भारतीय संविधान धर्म के आधार पर किसी नागरिक से भेदभाव नहीं करता है.
