लखनऊ : वैश्विक महामारी कोरोनावायरस अब धीरे-धीरे पूरे भारत में अपने पांव पसार रहा है. इस महामारी के बचाव व निवारण के लिए देश व प्रदेश की सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसके बचाव, उपचार के लिए नए अन्वेषणों की बात करते आए हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश में ताजनगरी आगरा से एक सुखद खबर आई. आयुष मंत्रालय व इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कोविड-19 के इलाज पर शोध करने के लिए कुबेरपुर स्थित नैमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज को अनुमति प्रदान की है.
दवाई बनकर तैयार, शुरू हो गया परीक्षण
मंगलवार से कोरोना मरीजों पर होम्योपैथिक दवाओं का परीक्षण शुरू किया गया. पहले दिन 30 मरीजों को होम्योपैथी की दवा दी गई. दो बार इन मरीजों का परीक्षण भी किया गया. कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पूरे भारत में केवल नेमिनाथ कॉलेज को ही इस तरह की अनुमति मिली है. हमने आयुष मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के निर्देशानुसार कोरोना के मरीजों का इलाज करने के लिए दवाएं तैयार कर ली हैं. इन दवाओं की अनुमति भी हमें आईसीएमआर से मिल चुकी है.
200 मरीजों पर होगा परीक्षण
उन्होंने स्पष्ट किया कि एत्मादपुर स्थित कोविड-19 के हॉस्पिटल एफएच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना के मरीजों पर इनका परीक्षण किया जा रहा है. कुल 200 मरीजों पर यह परीक्षण किया जाएगा. दवा के बाद इन मरीजों की जांच साइंटिफिक पैथोलॉजी द्वारा निशुल्क की जाएगी. फिर यह रिपोर्ट आयुष मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भेजी जाएगी. अगर सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द आगरा से पूरी दुनिया को कोरोना का उपचार मिल सकेगा.
