दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है. नागरिकता संशोधन एक्ट और एनआरसी के विवाद के बीच ये फैसला बेहद अहम है. दरअसल, मोदी कैबिनेट ने देश में NPR यानि नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने की मंजूरी दे दी है. 2021 की जनगणना से पहले इसे अपडेट किया जाएगा. 2011 की जनसंक्या से पहले 2010 में मनमोहन सरकार ने इसे लागू किया था. और अब देश के नागरिकों का आंकड़ा जुटाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है. बता दें कि, 2021 में देश में जनसंख्या की जनगणना भी होनी है.
क्या है NPR?
NPR: नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर है
इसमें प्रत्येक नागरिक की जानकारी रखी जाती है
NPR: नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत बना है
स्थानीय, उप जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार होता है
हर नागरिक को NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता है
इसके जरिए देश के सभी नागरिकों को जोड़ा जाता है
NPR से ही सरकारी योजनाएं हर व्यक्ति तक पहुंचाई जाती हैं
देश की सुरक्षा के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण हैं
NPR पर सरकार का प्लान क्या है?

केंद्र सरकार नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर अपडेट करने की तैयारी कर रही है, कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इसमें प्रत्येक नागरिक की जानकारी रखी जाएगी
हर नागरिक का बायोमेट्रिक और वंशावली का ब्यौरा दर्ज होगा
6 महीने या उससे अधिक समय से एक क्षेत्र में रहने वाले को पंजीकरण कराना होगा
तीन चरणों में NPR की प्रक्रिया पूरी होगी
1अप्रैल से 30 सितंबर 2020 तक घर-घर से आंकड़े जुटाए जाएंगे
दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 तक पूरा होगा
तीसरे चरण में संशोधन की प्रक्रिया होगी
तीसरा चरण 1 मार्च से 5 मार्च 2021 तक चलेगा
NPR में एक व्यक्ति की करीब 15 जानकारियां जुटाई जाएंगी
नाम, माता-पिता, लिंग, जन्म, शैक्षिक स्थिति और पता शामिल होगा
2010 में NPR लागू हुआ था
कुछ राजनीति दलों ने अभी से विरोध शुरू कर दिया है
NPR की मौजूदा स्थिति क्या है?
2011 की जनगणना के लिए 2010 में डेटा जमा किया गया था
2015 में घर-घर जाकर सर्वे अपडेट किया जाएगा
अपडेट सर्वे को डिजिटल रूप दिया चुका है
2020 में असम को छोड़कर इसे अपडेट किया जाएगा
2021 की जनगणना के लिए इसे अपडेट किया जाएगा
