लखनऊ. 69 हजार सहायक अध्यापक (69 Thousand Assistant Teachers) प्रक्रिया मामले में अभ्यर्थियों की मेहनत रंग लाई है. छात्रों पर लाठी चार्ज करने वाली योगी सरकार बैकफुट पर आ गई है. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 69 हजार सहायक अध्यापक प्रक्रिया में प्रभावित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी.
शिक्षक अभ्यर्थी पिछले 124 दिनों से लगातार राजधानी के एससीईआरटी कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं इस बर्बरता से पहले मीडिया के पहुंचने पर एससीईआरटी कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया था. 68500 की रिक्त 22000 सीट 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में जोड़ने की मांग को लेकर अभ्यर्थी एससीईआरटी कार्यालय के अंदर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान एससीईआरटी कार्यालय परिसर में पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया.
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आखिरकार क्या है पूरा मामला?
दरअसल शिक्षक भर्ती आरक्षण की गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भी चर्चा में आ चुकी है. अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रदेश सरकार ने जल्द जांच करवाकर चयन से बाहर हो गए पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई. अभ्यर्थियों का आरोप था कि 69000 शिक्षक भर्ती में पिछड़े अभ्यर्थियों के लगभग 6000 पदों पर घोटाला हुआ है.
2019 में आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में कई लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें से लगभग एक लाख 40 हजार अभ्यर्थी पास हुए थे.
