लखनऊ: समाजवादी पार्टी और सैफई परिवार को योगी सरकार एक के बाद एक झटका दे रही है. केवल बीते एक सप्ताह की ही बात करें तो सरकार अब तक तीन बड़े झटके दे चुकी है. पहले और आदेशों को मिला ले तो कई मामले हो जाते हैं. नया मामला मुलायम सिंह यादव की मर्सिडीज को लेकर सामने आय़ा है जिसे योगी सरकार ने वापस लेने की तैयारी कर ली है.
मुलायम सिंह से मर्सिडिज वापस लेगी योगी सरकार
दरअशल, राज्य संपत्ति विभाग से मुलायम सिंह यादव को मर्सिडीज SUV गाड़ी मिली हुई थी. लेकिन अब उसकी सर्विस कराने को लेकर सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं. मुलायम सिंह की मर्सिडीज की सर्विस का बिल करीब 26 लाख रुपया आ रहा है ऐसे में संपत्ति विभाग का कहना है कि, हम मरम्मत के लए इतना बजट आंवटित नहीं कर सकते इसलिए मुलायम सिंह को दूसरी अन्य कार टोयोटा प्राडो दे देंगे. यानि ऐसे में मुलयम सिंह से ये लग्जरी कार दूर हो जाएगी.
पिछले 1 हफ्ते में 3 बड़े झटके
उत्तर प्रदेश में एक प्रथा चली आ रही थी कि, पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों का टैक्स सरकारी खजाने से भरा जाता था. ऐसे लोगों की संख्या करीब 1 हजार थी. लेकिन योगी सरकार ने इस प्रथा पर रोक लगा दी यानि अब ये सभी लोग अपने पैसे से ही अपना टैक्स भरेंगे. कल्याण सिंह, एनडी तिवारी आदि नामों के साथ मुलायम सिंह का नाम भी उस लिस्ट में शामिल था. इनकम टैक्स पर रोक के अगले दिन योगी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया सरकार ने मुलायम सिंह यादव परिवार से लोहिया ट्रस्ट की बल्डिंग छीन ली. राज्य संपत्ति विभाग ने 14 सितंबर को विक्रमादित्य मार्ग पर बने लोहिया ट्रस्ट को खाली करा लिया. बत दें कि, मुलायम सिंह यादव इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं और शिवपाल सिंह यादव इसके सचिव, अखिलेश यादव और सपा के कई बड़े नेता इस ट्रस्ट के सदस्य हैं.
बीते दिनों खाली कराया छा सरकारी बंगला
इससे पहले योगी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित बंगले खाली कराए थे. उसमें अखिलेश यादव और मुलायम सिंह को आवंटित बंगले भी सरकार ने खाली करा लिए थे. बंगला खाली होने के बाद बंगले के सामान को लेकर खूब सियासी बवाल मचा था. वहीं अब मुलायम सिंह की कार वापस लेने पर सपा ने कड़ा एतराज जताया है. सपा के नेता कह रहे हैं कि, ये बदले की भावना से काम किया जा रहा है.
