लखनऊ: 2022 के चुनावी रण में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बहुत बड़ा ऐलान किया है. करीब 12 लाख कर्मचारियों की सालों पुरानी मांग को अपने घोषणापत्र में शामिल करने के वादे के साथ ही अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि, सरकार बनने पर पुरानी पेंशन को फिर से बहाल करेंगे. बता दें कि, 2005 से पुरानी पेंशन को बंद कर नई पेंशन योजना को लागू किया गया है. इसका कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे हैं. अब अखिलेश यादव ने पुरानी पेंशन को बहाल करने का ऐलान किया है ।
नई और पुरानी पेंशन योजना में क्याअंतर है?
1- पुरानी पेंशन में हर साल डीए जोड़ा जाता था
2- नई पेंशन में डीए नहीं जोड़ा जाता
3- पुरानी पेंशन योजना में कर्मचारी का कटा हुआ पैसा सरकारी खजाने में जाता था
4- न्यू पेंशन योजना में पैसा शेयर मार्केट में लगाया जाता है
5- पुरानी स्कीम में रिटायर होने वाले कर्मचारी अधिकारी की आखिरी सैलरी की आधी रकम आजीवन हर महीने पेंशन के तौर पर मिलती थी
6-न्यू पेंशन योजना में हर महीने पेंशन नहीं मिलती
7- पुरानी पेंशन में मूल वेतन का 10% जीपीएफ कटता था रिटायर होने पर कुल जमा राशि कर्मचारी को मिलती थी
8- नई व्यवस्था में जीपीएप अकाउंट बंद कर दिए गए हैं
नेताओं के डबल-डबल पेंशन मिलती है
देश में एक दिन के लिए भी सांसद या विधायक बनने पर जिंदगी भर पेंशन मिलती है.एक पूर्व सांसद को हर महीने 20 हजार रुपये पेंशन मिलती है.मुफ्त रेल यात्रा के अलावा तमाम भत्ते अलग.सांसद या पूर्व सांसद की मृत्यु पर उनके पति, पत्नी या आश्रित को आधी पेंशन दी जाती है…एक गजब का नियम ये भी है कि, सांसदों और विधायकों को डबल पेंशन लेने का भी हक है.अगर कोई व्यक्ति पहले विधायक रहा हो और बाद में सांसद भी बना हो तो उसे दोनों की पेंशन मिलती है.
