मंदिर मस्जिद बंद रहेंगे, खुली रहेगी मधुशाला

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लखनऊ:– जहाँ देश इस वक़्त कोरोना जैसी लाइलाज महामारी से लड़ रहा है जिसका अभी तक इलाज भी नहीं आ पाया है. तो वहीं दूसरी तरफ बचाव के लिए अब सोशल डिस्टनसिंग ही एक मात्र सहारा बचा है. जिसके चलते आज अल  इमाम वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान हसन सिद्दीकी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा. जिसमे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 12-05-2020 के संबोधन की बात की जिसमे प्रधानमंत्री द्वारा बताया गया कि अब हमें कोरोना के साथ ही जीना सीखना होगा और आर्थिक कार्यों को भी करना होगा ताकि देश की अर्थव्यस्था सही रहे.

धड़ल्ले से बिक रही शराब

प्रधानमंत्री द्वारा कही गई बात पर देश भर में शराब की दुकानें खोल दी गई. अनेक जगह पर सोशल डिस्टेन्स की धज्जियां भी उड़ती हुई साफ दिखाई दी. वहीं आज भी देखा जाए तो शराब की दुकानें वैसे ही खुली है और सोशल डिस्टनसिंग को ताक़ पर रख धड़ल्ले से बिक्री भी हो रही है. हालांकि देश भर में फसे मजदूरों को सरकार द्वारा ट्रेन व बसों से थर्मल स्क्रीनिंग कर ग्रह जनपद छोड़ने का प्रयास जारी है. इसी प्रकार तमाम सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरों को खोलने की भी अनुमति दी जा चुकी है तो धार्मिक स्थानों को  क्यूं नहीं ?

घर में मनाएं ईद

इमरान ने बताया कि हमारा देश आस्थाओं का देश माना जाता है. यहां लोगों का मानना है कि इंसान की हर परेशानी का निवारण ईश्वर करता है. तो क्या ऐसे समय में धार्मिक कार्यों पर से प्रतिबंध हटाना सही ना होगा ? इसी क्रम में इमरान ने आज अलविदा जुमा और ईद की नमाज क्षेत्रों में स्थित  मस्जिदों में कुछ जरूरी सतर्कता जैसे सोशल डिस्टनसिंग, बच्चों और बुजुर्गों के ना आने, सेनेटाइजर का प्रयोग, बीमार व्यक्ति का ना आने का ध्यान रखते हुए अदा करने की अनुमति मांगी है.

 

 

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