एक खंभे की वजह से नोएडा में कटे हजारों चालान, और सिलसिला जारी…

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गौतमबुद्धनगर: अगर आपसे कहें कि, नोएडा में सड़कों पर ध्यान से चलना क्योंकि, नोएडा की सड़क पर पुलिस नहीं बल्कि एक खंभा चालान पर चालान काट रहा है तो शायद आपको यकीन नहीं होगा लेकिन ये सौ फीसदी सच है. इसलिए आप भी सड़क पर फर्राटा भरते समय आस-पास पुलिस ना दिखने पर आप ट्रैफिक नियमों को तोड़ने की गलती कभी मत करना नहीं तो चालान आपका घर पहुंच जाएगा. क्योंकि, नियमों को ताक पर रखकर यातायात के नियम तोड़ने वालों के लिए नोएडा पुलिस एक अत्याधुनिक तकनीकी लाई है. इससे पहले नोएडा पुलिस यातायात ने यातायात के नियम तोड़ने वालों के लिए टायर किलप भी लगवाए थे जिसकी चारों ओर तारीफ हुई थी.

देश का पहला प्रयोग नोएडा में
अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये ऑटोमेटिक ट्रैफिक राडार आधारित डिटेक्टर देश में पहली बार नोएडा में लगाया गया है. यानि भारत में पहली बार इसकी शुरुआथ नोएडा शहर से हुई है. अभी इसका इस्तेमाल केवल दुबई और कुछ यूरोपीय देशों में हो रहा है. बता दें कि, फ्रांस की कंपनी ने ये उपकरण अभी ट्रायल के लिए नोएड में महामाया फ्लाइओवर से आगे दलित प्रेरणा स्थल के समीप ये खंबा लगाया है. अगर ये ट्रायल सफल रहा तो एक्सप्रेस-वे, एलीवेटिड रोड़ सहित नोएडा के सभी मुख्य मार्गों पर येउपकरण लगवाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा.

कैसे काटता है चालान
ये ऑटोमेटिक ट्रैफिक राडार आधारित डिटेक्टर रात में भी 100 प्रतिशत वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ लेता है.जबकि अभी तक नोएडा एक्सप्रेस-वे पर जो कैमरे लगे हैं वो 30-35 फीसदी नंबर प्लेट ही पढ़ पाते हैं. खास बात ये कि, ये रडार करीब 500 मीटर दूरी से ही वाहन पर नजर जमा देता हैएसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा के मुताबिक बीते एक सप्ताह में करीब 1200 से ज्यादा वाहनों को यातायात नियमों के उल्लंघन में इस उपकरण के जरिए चालान किया गया है. खंबे पर लगा ये उपकरण नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पढ़त है. पुलिस को उनका डाटा ऑनलाइन मिल जाता है. और ऐसा करने वाले वाहनों के पते पर चालान पहुंच जाता है. वाहन चालकर को अपनी चालाकी पर तब तरस आता है जब वो नियम तोड़ने का चालान अपने घर पर पाता है.

ये पांच तरह के उलंलघन पर चालान काट रहा खंभा
ये रडार पांच तरह के यातायात नियमों को तोड़ने पर चालान कटवा रहा है. ओवरस्पीड से चलने पर, ओवरटेकिंग करने पर. दोपहिया वाहन पर तीन सवारी होने पर, हेलमेट नहीं लगाने पर और लापरवाही से गाड़ी चलाने पर. खास बात ये कि, ये रडार करीब 500 मीटर दूरी से ही वाहन पर नजर जमा देता है. इसलिए इसकी नजर से बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.

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