12वीं बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट आते ही बच्चे ग्रेजुएशन में एडमिशन लेने को लेकर उत्साहित होते हैं और फिर किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए अपने कदम धीरे-धीरे आगे बढ़ाते हैं. देश की राजधानी दिल्ली स्थित दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की बात आती है तो करीब-करीब हर छात्र यहां एडमीशन का सपना देखता है लेकिन जो छात्र डीयू में एडमिशन लेना चाहते हैं उन्हें कई बातों का ध्यान रखना होता है. हम हैं न, हम आपको देंगे डीयू में दाखिला लेने को लेकर बारिक जानकारी ताकि जब आप दाखिले के लिए डीयू जाएं तो आपको किसी भी तरह की परेशानी से जूझना न पड़े और आसानी से एक प्रतिष्ठत यूनिवर्सिटी के कॉलेज में एडमीशन ले सकें.
डीयू में दाखिले के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कटऑफ तो चलिए, सबसे पहले बात करते हैं कटऑफ की. दिल्ली विश्वविद्यालय में बैचलर कोर्स के लिए कटऑफ कैसे बनती है ये हम आपको बताते हैं. डीयू में दाखिले की प्रक्रिया के दौरान छात्र के 12वीं के परिणाम के आधार पर कट ऑफ निकाली जाती है. ये लिस्ट कॉलेज के स्तर पर निकाली जाती है. इस प्रक्रिया में सबसे पहले ‘बेस्ट-4’ यानी छात्र के किन्हीं 4 सबजेक्ट जिनमें उसने ज्यादा अंक पाए उसकी काउंटिंग की जाती है. इसके बाद बेस्टे-4 में थ्यौरी और प्रेक्टिकल दोनों को ध्यान में रखकर काउंटिंग की जाती है. 70 फीसदी थ्यौरी और 30 फीसदी प्रेक्टि्कल विषय रहता है. साइंस में 3 विषयों फिजिक्स, कैमेस्ट्री, मैथ्स या फिजिक्स, कैमेस्ट्री, बायो के अंक जोड़कर ही मेरिट को तय कर दिया जाता है.
दो तरह से होते हैं एडमिशन
डीयू के हर अंडर ग्रेजुएट कोर्से में अमूमन दो तरह से एडमिशन होते हैं. पहला- कट-ऑफ मार्क्स के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन और दूसरा एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर एडमिशन होते हैं. जिन कोर्सेज में एडमिशन कट-ऑफ लिस्ट के आधार पर लिया जाता है.. उसके लिए यूनिवर्सिटी के अलग अलग कॉलेज अपनी-अपनी कट-ऑफ लिस्ट निकालते हैं. वहीं कुछ के लिए डीयू में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षाएं होती हैं- ये कोर्स हैं- बीटेक, बीएमएस, बीबीए, एफआईए, बीबीएस, बीए (ऑनर्स), इकोनॉमिक्स. इसके अलावा और भी कई कोर्स.
वैसे स्टूडेंट जो विश्वविद्यालय में अपने एडमिशन के लिए आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए करना चाहते हैं तो उनके लिए भी हमारे पास काफी कुछ जानकारी है. दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया ऑनलाइन भी कर दी गयी है. अब छात्रों को अप्लीकेशन फॉर्म के लिए लंबी लाइन में नहीं लगना होगा. इसके साथ ही अब ऐसा भी पॉसिबल है कि एडमिशन के लिए फॉर्म की फीस का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है. फीस देने के लिए अब डिमांड ड्राफ्ट का भी झंझट नहीं होगा.
लाइन में लगकर नहीं बल्कि ऑनलाइन करें अप्लाई
आप अगर दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो सबसे पहले DU UG Admission Portal पर जाएं. यहां सबसे पहले नोटिफिकेशन के अनुसार अपना सब्जेक्ट और कॉलेज पसंद करें. अगर आप ईसीए और स्पोर्ट्स कोटा से आवेदन करने का मन बना रहे हैं तो उसे सेलेक्ट करें. इसके बाद आपको DU UG Admission Portal पर ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से साइनअप करने का ऑप्शन आएगा.
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एडमिशन के लिए आपको अपने जो डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे उसके बारे में भी आपको बता देते हैं. कैंडिडेट की पासपोर्ट साइज फोटो, कैंडिडेट का स्कैन सिग्नेचर, जन्म,तिथि के लिए सेल्फ अटेस्टेड दसवीं क्लास का सर्टिफिकेट. सेल्फड अटेस्टेसड 12वीं की मार्कशीट. अगर बोर्ड ने मार्कशीट जारी नहीं किया है तो बोर्ड के वेबसाइट से डाउनलोड कर लें. अगर जरूरी हो तो सेल्फ अटेस्टेड एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्यूडी/केएम/सीडब्यू सर्टिफिकेट, इसके अलावा अगर जरूरी हो तो सेल्फ अटेस्टेड स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट. सेल्फ अटेस्टेड एक्स्ट्रा करीकुलर ऐक्टिविटीज सर्टिफिकेट भी रख लें, जरूरत पड़ सकती है.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आपको अपने साथ 4 पासपोर्ट साइज फोटो, दसवीं क्लास का सर्टिफिकेट/मार्कशीट, 12वीं क्लास का प्रोविजनल सर्टिफिकेट, 12 क्लास का कैरेक्टर सर्टिफिकेट, 12 क्लास की मार्कशीट, अगर लागू हो तो जाति प्रमाण पत्र, माइग्रेशन सर्टिफिकेट. इन सभी डॉक्यूशमेंट्स की 2 सेट फोटो कॉपी करवा ले. ये सभी डॉक्यूमेंट्स सेल्फ अटेस्डेट हों. एडमिशन के वक्त आपके सभी ओरिजनल डॉक्यूटमेंट्स भी जमा होंगे. ध्यान रहे कि माइग्रेशन सर्टिफिकेट सिर्फ दिल्ली के बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स को ही देना होगा.
