नई दिल्लीः लोकसभा चुनावों से पहले देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या की विवादित भूमि मामले पर बड़ा फैसला लिया है. आज हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि इस मामले का समाधान मध्यस्थता के तहत की हो सकता है. सभी पक्षों की सुनवाई के लिए कोर्ट ने तीन जजों की बेंच का गठन किया है. यह पैनल मध्यस्थता मामले की सुनवाई करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए 8 सप्ताह का समय दिया है. कोर्ट ने मध्यस्थता पैनल को 4 सप्ताह मे प्रगति रिपोर्ट (पहली रिपोर्ट) कोर्ट मे देने को कहा है. मध्यस्थता पीठ फ़ैज़ाबाद मे बैठेगी और राज्य सरकार मध्यस्थता पीठ को सभी आवश्यक सुविधाएं देगी. कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थता तुरंत शुरू हो उसे शुरू होने मे एक सप्ताह से ज़्यादा वक़्त न लगे. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि विवाद निपटारे के दौरान मध्यस्थता प्रयासों पर मीडिया रिपोर्टिंग नहीं होगी. कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि पैनल को लगता है तो वह इसमें और सदस्यों को भी शामिल कर सकता है.
