खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं गंगा-यमुना, बाढ़ की चपेट में आए 24 जिलों के 1171 गांव

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बाढ़ का कहर जारी है. प्रदेश (Uttar Pradesh Flood) के 24 जिलों के लगभग 1171 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. लोगों के घरों में पानी घुस गया है. कई जगहों पर को हालात ऐसे हैं कि लोग छतों पर रहने को मजबूर हो गए हैं. राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, प्रदेश के हमीरपुर, बांदा, इटावा, जालौन, वाराणसी, कौशांबी, चंदौली, हाजीपुर, औरैया, कानपुर देहात, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, आगरा, बलिया, मिर्जापुर, गोरखपुर, सीतापुर, मऊ, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बहराइच, गोंडा, कानपुर नगर और फतेहपुर के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं.

हमीरपुर में सबसे ज्यादा गांव प्रभावित
हमीरपुर के सबसे ज्यादा 75 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. इसके अलावा, बांदा के 71 तथा इटावा और जालौन के 67-67 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है. प्रदेश के बाढ़ प्रभावित 110 गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से कट गया है.

खतरे के निशान पर गंगा-यमुना नदी
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारी वर्षा के कारण गंगा, यमुना, शारदा, बेतवा तथा क्वानो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. गंगा नदी कचला ब्रिज (बदायूं), फाफामऊ (प्रयागराज), प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर तथा बलिया में खतरे के निशान को पार कर गई है और बलिया को छोड़कर बाकी स्थानों पर इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है.

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