लखनऊ : योगी सरकार द्वारा इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज किए जाने पर राजनीति शुरू हो गई है. सपा नेता आजम खान ने इस पर जमकर गुस्सा निकाला है और सत्तासीन सरकार को चुनौती दी है. एक कार्यक्रम में बोलते हुए आजम खान ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी करनी है तो बीजेपी या तो नौजवानों को नौकरी दे दे या फिर ताजमहल को गिराकर शिवमंदिर बना दे.

मुसलमान भी बदल लें अपना नाम?
इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि योगी सरकार का अगला प्लान प्रदेश में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों का नाम बदलना तो नहीं होगा. उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि नाम तो दिलों पर लिखी इबारत होती है. खुले दिल के मुसलमानों ने नामों के साथ छेड़छाड़ नहीं की क्योंकि वे राम और मुस्तफा में फर्क नहीं करते.

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योगी कैबिनेट ने दी नाम बदलने की मंजूरी
नदियों के संगम वाला शहर इलाहाबाद का नाम बदल गया है. संगम नगरी इलाहाबाद को अब प्रयागराज के नाम से जाना जाएगा. इलाहाबाद का नाम बदलने को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट ने आज मंजूरी दे दी है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इलाहाबाद के नाम को बदलकर प्रयागराज रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है.
योगी ने कही थी ये बात
सीएम ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिए जाने की बात का समर्थन देते हुए कहा था कि ‘जहां दो नदियों का संगम होता है उसे प्रयाग कहा जाता है. उत्तराखंड में भी ऐसे कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग स्थित है. हिमालय से निकलने वाली देवतुल्य दो नदियों का संगम इलाहाबाद में होता है और यह तीर्थों का राजा है. ऐसे में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया जाना उचित ही होगा.’
