बुलंदशहर: बुलंदशहर बवाल का मुख्य आरोपी और बजरंग दल का संयोजक भगोड़ा योगेश राज आखिरकार 31 दिन बाद बुलंदशहर पुलिस के पंजे में आ ही गया. स्याना में गोकशी के नाम पर मचे गदर के बाद से ही योगेश राज फरार चल रहा था. योगेश को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. क्योंकि, योगेश पुलिस की गिरफ्त से दूर रहकर सोशल मीडिया पर एक के बाद एक वीडियो डाल रहा था.
ऐसे गिरफ्त में आया योगेश
योगेश राज कि गिरफ्तारी ना होने के चलते बुलंदशहर पुलिस पर ही अनेकों सवाल उठ रहे थे. अपने इंस्पेक्टर की हत्या के मामले के आरोपी को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए भी शर्मिंदगी का सबब बन गया था. बता दें कि, देर रात बुलंदशहर की बीबनगर पुलिस ने खुर्जा से बुलंदशहर आते वक्त ब्रह्मानंद कॉलेज के पास से योगेश को धर दबोचा. इससे पहले पुलिस प्रशांत नट और कलुवा को गिरफ्तार कर चुकी है. कयास ये भी लगे थे कि, अब पुलिस योगेश को गिरफ्तार ना कर पाने के चलते क्लीन चिट देकर अपना पल्ला झाड़ सकती है.
कौन है योगेश राज
योगेश बजरंग दल का जिला संयोजक है. योगेश पर बुलंदशहर के स्याना में हुई हिंसा को भड़काने का आरोप है. उस मामले में दर्ज मुकदमें में भी ये मुख्य आरोपी है. आरोप है कि, इसके भड़काने पर ही बेकाबू भीड़ ने तांडव किया था जिसमें एक पुलिस कर्मी इंस्पेक्टर सुबोध और एक आम नागरिक सुमित की मौत हुई थी. बता दें कि, प्राइवेट नौकरी करने वाला योगेश साल 2016 में बजरंगदल का जिला संयोजक बना और नौकरी छोड़ इसी में लग गया था. ये अपनी सोशल साइट पर भी भड़काऊ पोस्ट करता रहता था. स्याना के नयाबांस गांव का रहने वाला योगेश पहले भी तमाम विवादों में रहा है. अब इसके खिलाफ 147,148,149,302,307,333,353,427,436,394 के तहत मुकदमा दर्ज है.
भीड़ को भड़काने में था योगेश का हाथ
दरअसल, बुलंदशहर के स्याना में गोकशी की कथित अफवाह के बाद सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए थे विरोध प्रदर्शन करते हुए लोगों ने सड़क भी जाम कर दी थी. तब इंस्पेक्टर सुबोध सिंह ने योगेश को समझाया भी था लेकिन वो नहीं माना था. एक वीडियो में योगेश इंस्पेक्टर सुबोध से झगड़ता दिखा है.
