लखनऊ : लोकसभा चुनाव की डेट अनाउंस होने के बाद से ही राजनीति में सुहबुगाहट शुरू हो गई है. जहां सभी विपक्षी पार्टियों ने रमजान के दिनों में वोटिंग कराने पर बीजेपी पर आरोपों की बौछार कर दीं थी. अब एक बार फिर बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है. केंद्र सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए समाजवादी पार्टी ने चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है.
जहां समाजवादी पार्टी इस बार के लोकसभा चुनाव में जीत के लिए बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर गठबधंन बनाया है तो वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता आजम खान की अगुवाई में कार्यकर्ताओं की बैठक में इस बात का फैसला लिया गया है कि वो इस बार के लोकसभा चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे. जिससे आजम खान ने हाईकमान को भी अवगत करा दिया है.
आपको बता दें कि 14 मार्च को रामपुर में समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित एक प्रेंस कांफ्रेस में आजम खान ने बताया कि रामपुर इस वक्त ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा हुआ है. देश की सरकार बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं का नारा देने वाली मोदी सरकार ने पूरे प्रदेश में अपनी जुल्म की इतेंहा कर दीं है,बीजेपी नेता आएं दिन यहां की आम जनता को परेशान करने का एक मौका नहीं छोड़ रही है. पूरे प्रदेश में आंतक का माहौल बन गया है. जिसे देखकर ये बात साफ हो गई है कि प्रदेश में चुनावी माहौल को बिगाड़ने के लिए बीजेपी सरकार से हथकंडे अपना रही है.
इसी के साथ आजम खान ने बताया कि बीजेपी के लोग रामपुर पब्लिक स्कूल के छोटे बच्चों को उनके कान से पकड़ कर स्कूल से बाहर निकाल दिया था. जब वो लोग छोटे बच्चों के साथ इस तरह का बर्ताव कर सकते है तो ऐसे में क्या किया जाएं. अगर हम इसका विरोध करते है तो पुलिस विरोध करने वालो पर ही मुकदमा दर्ज कर रही है. ये सब सिर्फ बीजेपी को इस बार के लोकसभा चुनाव में जीताने के लिए किया जा रहा है. बीजेपी का ये पैतरा समाजवादी पार्टी बखुबी से समझ रही है. ऐसे माहौल को देखते हुए पार्टी के सामने चुनाव लड़ने का बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. क्योंकि ऐसे हालातों में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद रखना बेवकूफी होगा.
वहीं जब आजम खान से जब पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को बचाने के लिए चीन के वीटो के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति की असफलता नहीं है क्योंकि पीएम मोदी तो पाकिस्तान और चीन के सबसे अच्छे दोस्तों में से है. आजम खान ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि तभी तो हमारे पीएम मोदी बिना बुलाए नवाज शरीफ की बर्थडे पार्टी में जाते है और चीन के राष्ट्रपति को तो वो खुद झूला झूलाते है और अगर बात करें मसूद की तो उसे कांबड ले जाकर किसने छोड़ा था और उसे छोड़ने के लिए भारी रकम किसने दीं थी.
गौरतलब है कि हमारे देश की पीएम बेटी बचाओं और बेटी पढ़ाओं के नारे तो बहुत लगवाते है लेकिन उन्हीं की पार्टी के लोग रामपुर में बच्चियों के कान पकड़कर उन्हें स्कूल से बाहर खदेड़ रहे है. इस पर पीएम मोदी कोई एक्शन क्यों नहीं लेते है. अगर वो सच में देश के विकास के बारे में सोचते है तो वो अपने शासन के दौरान ये दरिंदगी कैसे बर्दाश्त कर रहे है. लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी इस तरह के हालातों को पैदा करके क्या हासिल करना चाहती है या समाजवादी पार्टी मोदी सरकार को लोगों के सामने बुरा दिखाने के लिए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का खेल कर रही है. ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
