उत्तरप्रदेश की ये परीक्षाएं भी खट-खटाएंगी हाईकोर्ट का दरवाजा !

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लखनऊ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में एक और परीक्षा का मामला हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है. दरअसल, 18 नवंबर को हुई टीईटी परीक्षा-2018 में गलत सवालों की भरमार दिखी है. इतना ही नहीं लापरवाही के हालात ये रहे कि, परीक्षा में तो सवाल गलत थे ही उत्तर कुंजी में भी गलत जवाब जारी किए गए. इधर परीक्षा नियामक में अबतक हजारों आपत्तियां दर्ज हो चुकी है.

शिक्षा विभाग की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि, जिस संस्था ने 68500 शिक्षक भर्ती में सरकारी की किरकिरी कराई थी. टीईटी परीक्षा की जिम्मेदारी भी उसी को दी गई थी. अब परीक्षा के बाद और भी सैकड़ों परीक्षार्थी परीक्षा नियामक प्राधिकरण में गलत प्रश्नों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराने को भटक रहे हैं. अब आपत्ति दर्ज कराने पर आलम ये कि, बड़े मान-मनुहार के बाद प्रार्थन पत्र तो लिया जा रहा है. लेकिन कोई रसीद या कोई पर्ची नहीं मिल रही. ऐसे में आपत्ति दर्ज हुई या कूड़ेदान में गई कोई पता नहीं.

परीक्षार्थियों के मुताबिक, करीब इस परीक्षा में 22 सवाल गलत पूंछे गए थे. लेकिन कोढ़ में खाज ये हुआ कि, उत्तरकुंजी में भी गलत जवाब अपलोड किए गए. इस परीक्षा में जो गलत सवाल पूछे गए वो कुछ इस तरह थे कि, किसी का सही विकल्प नहीं था तो किसी किसी सवाल के दो-दो विक्लप थे.

उदाहरण के तौर पर देखें तो कुछ इस तरह के सवाल रहे.
1– TET परीक्षा में सवाल- कौन सा संवेग का तत्व नहीं है?
परीक्षा नियामक के मुताबिक उत्तर- संवेदी
परीक्षार्थियों के मुताबिक उत्तर- दैहिक

2– सवाल- कौन सा शिक्षण का सूत्र नहीं है?
परीक्षा नियामक- निगमन से आगमन की ओर
परीक्षार्थी- दृश्य से अदृश्य

3– सवाल- निम्न में से पुल्लिंग शब्द का चयन कीजिए
परीक्षार्थियों के मुताबिक – विकल्प ही पुल्लिंग थे

तमाम ऐसे भी सवाल थे जो सिलेबस से बाहर थे. 2017 की टीईटी परीक्षा में भी करीब 13 सवाल गलत थे. अब ऐसा नहीं है कि, केवल बेसिक शिक्षा परिषद का ये हाल हो.प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा PCS में भी वही आलम दिख रहा है.

इस परीक्षा के तीन सवालों पर भी सवाल उठ रहे हैं. इस परीक्षा के ए सीरीज में 21 नंबर का सवाल गलत, 37वां सवाल और 138वां सवाल भी गलत हैं.

पीसीएस परीक्षा के इन सवालों पर उठे सवाल 
सवाल नंबर 21- इस सवाल के अंग्रेजी के विकल्प में लिखा है ‘इंडिया इज ए डिजास्टर फ्री कन्ट्री’
हिन्दी के विकल्प में लिखा है- भारत आपदा युक्त देश है

37वां सवाल- महिला एवं बाल विकास के लिए स्वतंत्र मंत्रालय की स्थापना कब?
जवाब है 2006 लेकिन विकल्प में 2006 नहीं है

138वां सवाल- भगवान वेंकटेश्वर तिरुपति मंदिर किस पहाड़ी पर है?
इस सवाल का भी सही विक्लप नहीं है

पीसीएस परीक्षआओं का तो आलम ये है कि, साल 2016, 2017 और 2018 के इम्तिहान और रिज्लट दोनों पर रार है. साल 2016 का रिज्ल्ट अब 2018 में जारी हुआ है वो भी इसलिए किया गया कि मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था. PCS-2017 की प्रारंभिक परीक्षा के गलत सवालों का मुद्दा भी SC जा चुका है. अब PCS प्री परीक्षा-2018 की परीक्षा में पूछे गए 3 गलत सवालों पर भी सवाल उठ रहे हैं. यानि अधिकारियों की लापरवाही हजारों युवाओं की मेहनत और भविष्य पर पानी फेर रही है.

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