बीजेपी में आडवाणी- जोशी के आए अच्छे दिन, मोदी-शाह को बदलनी पड़ी रणनीति

अपना एनसीआर अपना लखनऊ होमपेज स्लाइडर

नई दिल्ली : 2014 में सरकार बनते ही मोदी ने सबसे पहले 75 प्लस वाले नेता आडवाणी जोशी समेत कईयों को मार्ग दर्शक मंडल में डाला था, ताकि उनसे सिर्फ राय मशवरा लिया जा सके, 2014 के बाद हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी इस बात पर प्राथमिकता रही की 75 प्लस की उम्र से बढ़े प्रत्याशियों की जगह युवा को टिकट दिया जाए, मगर 2019 की मुश्किल राह को देखते हुए मोदी शाह ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है

आडवाणी, जोशी को लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव
दोनों नेता 75 पार हैं ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार का चुनाव शायद ना लड़ पाएं, मगर सूत्रों के मुताबिक इस बार भी दोनों वरिष्ठ नेताओं को टिकट दिया जाएगा, इसके पीछे माना जा रहा है कि बीजेपी ने तय किया है कि 75 साल की उम्र पूरी कर चुके नेताओं के चुनाव लड़ने पर पूरी तरह से रोक नहीं लगायी जायेगी.

जो चुनाव जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जायेगा
सूत्रों की मानें तो पार्टी ने तय किया है कि जो जो चुनाव जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जायेगा. ऐसे में 75 साल की आयु पूरी कर चुके नेताओं के चुनाव ना लड़ने की अटकलें शांत हो गई हैं. बीजेपी में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, बी सी खंडूरी, शांता कुमार, करिया मुंडा जैसे नेता 75 साल की आयु को पार कर चुके हैं.
बढ़ेगा एनडीए का कुनवा

बैठक में गठबंधन का कुनवा बढ़ाने  पर भी जोर दिया गया है, पार्टी के एक नेता ने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 16 से अधिक सहयोगी दलों के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी, वहीं 2019 में सहयोगियों की संख्या बढ़कर दो दर्जन के पार हो सकती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा उनके लिए दूसरी सीट पर फैसला बाद में किया जायेगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित शीर्ष नेतृत्व ने शनिवार को करीब तीन घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर मंथन किया ताकि आने वाले दिनों में पार्टी के एजेंडे को लेकर उसका प्रचार अभियान गति पकड़ सके.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *